इंदौर-भोपाल जा रही बसों ने मजदूरों को आधी रात को राजगढ़ बायपास पर छोड़ा

कोरोना की रोकथाम के लिए पूरे देशभर में लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाया गया है. इस दौरान श्योपुर में फंसे इंदौर व भोपाल के मजदूरों को उनके नगरों तक छोड़ने के लिए निकली बसें राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर में बने भोपाल बायपास पर छोड़कर चली गईं. यह मामला सामने आने पर सुबह प्रशासन ने दो बसों से मजदूरों को इंदौर व भोपाल भिजवाया. मिली जानकारी के अनुसार श्योपुर से तीन बसें इंदौर, भोपाल के मजदूरों को लेकर संबंधित शहरों के लिए रवाना हुई थी. जिसमें से 4 मजदूर राजगढ़ जिले के थे, जबकि शेष इंदौर व भोपाल के. ऐसे में उनमें से दो बसें रात करीब तीन बजे सभी 51 मजदूरों को भोपाल बायपास पर छोड़कर वापस भाग खड़ी हुईं. सभी 51 मजदूर यहां परेशान होते रहे है.  

जैसे ही मामले की भनक लगी तो ब्यावरा तहसीलदार एआर चिरामन व देहात थाना प्रभारी आदित्य सोनी मौके पर पहुंचे. इसके बाद सुबह दो बसों को लगवाते हुए एक बस में 22 मजदूरों को बैठाकर भोपाल के लिए रवाना किया गया, जिसमे भोपाल व बैरसिया के मजदूर थे, जबकि दूसरी बस में 15 मजदूरों को बैठाकर इंदौर के लिए रवाना किया गया. राजगढ़ जिले के 4 मजदूरों को छात्रावास में आइसोलेट किया गया है. रात 3 बजे बसों के छोड़कर जाने के बाद सुबह 10 बजे तक 7 घंटे बुजुर्ग व बच्चों के साथ मजदूर नेशनल हाइवे आगरा-मुंबई पर परेशान होते रहे है. सुबह प्रशासन ने उन्हें खाने के पैकेट उपलब्ध कराए व बसों से रवाना किए.

वहीं श्योपुर की एक बस इंदौर व एक भोपाल के लिए पहले निकल चुकी थी! लेकिन जब मौके पर हम नही थे तो बाद कि बसों से आए मजदूरों को यहां छोड़ दिया. सुबह हमने भोपाल 22 व इंदौर 15 मजदूर भिजवा दिए. जिले के 4 को आइसोलेट करवा दिया है.

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