पर्यटन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने बोली यह बात

कोरोना के कहर के बीच राजस्थान के पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह अपने विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार से परेशान है. विश्वेंद्र सिंह चाहते हैं कि राजस्थान पर्यटन विकास निगम अर्थात आरटीडीसी में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच एक स्वतंत्र संस्था द्वारा कराई जानी चाहिए.

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इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लिखे पत्र में विश्वेंद्र सिंह ने अपने विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर पीड़ा जताते हुए कहा कि वित्तीय अनियमितता व भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति स्थापित करने के लिए विस्तृत जांच होनी चाहिए . प्रदेश में भ्रष्टाचार की जांच करने वाले राज्य पुलिस में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पर विश्वेंद्र सिंह को विश्वास नहीं है. इस कारण वे चाहते हैँ कि डिलॉयट इंडिया,के.पी.जे.एम,पी.डब्लयू.सी एवं अर्नेस्ट एंड यंग आदि में से किसी एक संस्था से आरटीडीसी में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच कराई जानी चाहिए.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सीएम को लिखे पत्र में विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि कोविड-19 के कारण राज्य के पर्यटन उधोग को क्षति उठानी पड़ रही है. राज्य को पर्यटन से मिलने वाले राजस्व में कमी आई है. ऐसे में आरटीडीसी सहित सभी सरकारी विभागों व स्वायत्तशासी संस्थाओं का दायित्व बनता है कि वे अपने खर्चों में कमी करे. आरटीडीसी में वित्तीय अनियमितता के आरोप समय-समय पर लगते रहे हैँ. उन्होंने कहा कि मुझ तक आरटीडीसी में भ्रष्टाचार की शिकायत पहुंचती है. अत: यह आवश्यक है कि आरटीडीसी की वित्तीय गतिविधियों की एक स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए.

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