मॉब लिंचिंग के लिए कानून बनाएगी राजस्थान सरकार, विधानसभा में पेश किया विधेयक

मॉब लिंचिंग के लिए कानून बनाएगी राजस्थान सरकार, विधानसभा में पेश किया विधेयक

जयपुर: राजस्थान में मॉब लिंचिंग की वारदातों पर अंकुश लागाने और इससे पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए सरकार नया कानून बनाने की तैयारी में है. विधानसभा के वर्तमान सत्र में ही इस कानून को पास कराने की मंशा के साथ सरकार ने सदन में विधेयक को पेश किया है. 'राजस्थान लिंचिंग से संरक्षण विधेयक-2019' में 7 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा के प्रावधान हैं. 

इससे पहले सूबे के सीएम अशोक गहलोत भी सदन में अपने संबोधन के दौरान मॉब लिंचिंग पर कानून बनाने की बात कह चुके हैं. मंगलवार को संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने विधेयक सदन के समक्ष पेश किया. 'राजस्थान लिंचिंग से संरक्षण विधेयक-2019' विधानसभा में सदन के पटल पर रख दिया गया है. सदन में पेश किए गए इस बिल के प्रारूप में इसके लाने के मकसद और कारणों का भी उल्लेख किया गया है. 

इस बिल में कहा गया है कि पिछले कुछ समय में मॉब लिंचिंग की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे लोगों के रोजगार या फिर जानमाल की क्षति हुई है. बिल में सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल की गई याचिका का उल्लेख करते हुए कहा गया कि तहसीन पूनावाला बनाम भारत सरकार के मामले में अदालत ने लिंचिंग के लिए कानून बनाने के लिए कहा था. 

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