राजस्थान की गहलोत सरकार का कारनामा, एक ही झटके में हज़ारों को किया बेरोज़गार

Jun 11 2021 04:45 PM
राजस्थान की गहलोत सरकार का कारनामा, एक ही झटके में हज़ारों को किया बेरोज़गार

जयपुर: कोरोना की दूसरी लहर तो सुस्त पड़ गई है, लेकिन बेरोज़गारी अभी भी लोगों को जीने नहीं दे रही है. कोरोना के संकटकाल में राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने 30 हज़ार स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती के आदेश दिए थे, लेकिन जैसे ही कोरोना ढीला पड़ा तो सरकार भी करार खत्म करने लगी. राजस्थान नर्सिंग काउंसिल ने तो 40 वर्षों से संविदा पर काम कर रहे लोगों को कोरोना काल में चलता कर दिया.

इसके चलते दौसा में शुक्रवार को नर्सिंग कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया. इन्हें कोरोना काल में सरकार ने संविदा पर रखने का वादा किया था, कुछ लोगों ने तो छह दिन तक की नौकरी भी की थी, लेकिन अचानक से संविदा यानी क़रार ख़त्म कर दिया गया. लड़कियां कह रही है कि हम लोग ड्यूटी करने लगे थे और अचानक से हेडक्वार्टर से आदेश आया कि आपकी नौकरी ख़त्म हो गई है. बता दें कि राजस्थान में 30 हजार नर्सिंग कर्मियों के पोस्ट कोरोना काल में निकाली गई थी, किन्तु गहलोत सरकार ने 15,000 की भी ज्वाइनिंग नहीं दी. इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी मनीष चौधरी का कहना है कि जयपुर से दिशा निर्देश मांगा है और इनके लिए हम सभी लोग प्रयासरत हैं. जयपुर में भी पूरे स्टाफ का करार खत्म कर दिया गया है. 

चिलचिलाती धूप में नौकरी के लिए नर्सिंग कर्मी कभी सचिन पायलट के आवास के बाहर जाकर बैठ जाते हैं, तो कभी स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा के घर के बाहर धरना देते हैं. सुबह से लेकर शाम तक इनकी यही दिनचर्या है. 7 वर्षों से पिंकी गौतम राजस्थान नर्सिंग काउंसिल में कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर काम कर रही थी, मगर अचानक से इनकी संविदा ख़त्म कर दी गई है.

'भारतीय झगड़ा पार्टी' बन गई है BJP, केंद्र पर जमकर बरसे मनीष सिसोदिया

मांझी को तेजप्रताप का खुला निमंत्रण, कहा- अगर मन डोल रहा है तो राजद में आ जाओ

सत्ता में बैठे लोगों की आलोचना करना हर नागरिक का अधिकार- उमर अब्दुल्ला