राज ठाकरे बोले- '3 मई तक मस्जिदों से लाउडस्पीकर बंद हो', शिवसेना ने किया पलटवार- 'ये BJP का ही भोंपू है'

मुंबई: लाउडस्पीकर की राजनीति ने महाराष्ट्र में तूल पकड़ लिया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने 3 मई तक का अल्टीमेटम देते हुए मस्जिदों से लाउडस्पीकर बंद करने को बोला है। दूसरी तरफ शिवसेना एवं NCP के नेताओं ने भी बयान जारी किया है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस के चलते उन्होंने कहा, 'पीएम नरेंद्र मोदी को इस देश में समान नागरिक संहिता लागू करनी चाहिए। जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए एक कानून लाया जाना चाहिए।'

वही ठाकरे यहीं नहीं रुके। आगे उन्होंने मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर का जिक्र किया। मनसे प्रमुख ने बोला, 'मस्जिदों में लाउडस्पीकर 3 मई तक बंद हो जाना चाहिए, नहीं तो हम लाउडस्पीकर लगाकर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। यह एक सामाजिक मसला है, धार्मिक नहीं। मैं प्रदेश सरकार से बोलना चाहता हूं, हम इस विषय पर पीछे नहीं हटेंगे, आपको जो करना है कीजिए।' ठाकरे ने आगे कहा, 'मैं नमाज के खिलाफ नहीं हूं, आप अपने घर पर नमाज पढ़ सकते हैं, किन्तु सरकार को मस्जिद के लाउडस्पीकरों को हटाने का निर्णय लेना चाहिए। मैं अभी चेतावनी दे रहा हूं।' उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से मुंबई के मुस्लिम क्षेत्रों में मस्जिदों पर छापा मारने का भी आग्रह किया तथा कहा कि वहां रहने वाले लोग पाकिस्तान समर्थक हैं।

वही राज ठाकरे के बयान पर शिवसेना नेता तथा राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पलटवार किया। संजय राउत ने कहा, हिन्दुत्व शिवसेना के खून में है, हमें कोई हिन्दुत्व न सिखाए। संजय राउत ने राज ठाकरे को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि ये जो लाउडस्पीकर बज रहा है आजकल (राज ठाकरे) ये बीजेपी का ही भोंपू है। ये सबको पता है। प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई से अभय मिले इसलिए ये आजकल भाजपा की भाषा बोल रहे हैं। संजय राउत ने आगे कहा, 'बीजेपी जब खुद सामना नहीं कर पाई तो राज ठाकरे के तौर पर लाउडस्पीकर को आगे कर दिया है। प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई से छूट प्राप्त होने के बाद राज ठाकरे का भोंपू आरम्भ हो गया।' 

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