'लगे हाथ चीनी कब्जे की सच्चाई भी स्वीकार कर लें PM..', कृषि कानून के बाद राहुल गांधी की नई मांग

नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने का ऐलान करने के एक दिन बाद कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय राहुल गांधी ने शनिवार को चीन मुद्दे पर सरकार को निशाने पर लिया। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को अब चीनी कब्जे की हकीकत को भी अब स्वीकार कर लेना चाहिए। मोदी सरकार द्वारा गत वर्ष लाए गए तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने और आंदोलनकारी किसानों व विपक्षी दलों की मांग पर सहमति व्यक्त करते हुए राहुल गांधी ने हिंदी में ट्वीट किया- चीनी कब्जे की सच्चाई को भी अब स्वीकार किया जाना चाहिए।'

बता दें कि राहुल गंध लगातार चीन के साथ LAC पर मौजूदा स्थिति को लेकर सरकार से सवाल करते रहे हैं। भारत और चीन गुरुवार को पूर्वी लद्दाख में LAC से सटे संघर्ष वाले स्थानों पर सहमति बनाने के लिए जल्द से जल्द 14वें दौर की सैन्य बातचीत करने पर सहमत हुए। भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख सीमा गतिरोध गत वर्ष 5 मई को पैंगोंग झील इलाकों में एक हिंसक झड़प के बाद भड़क गया था। इसके बाद दोनों पक्षों ने धीरे-धीरे हजारों सैनिकों के साथ ही बॉर्डर पर भारी हथियारों से अपनी तैनाती बढ़ा दी थी।

बता दें कि गत वर्ष 15 जून को गलवान घाटी में एक हिंसक संघर्ष के बाद तनाव बढ़ गया था। सैन्य और राजनयिक वार्ताओं के बाद दोनों पक्षों ने फरवरी में पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारे और अगस्त में गोगरा क्षेत्र में अपनी सेना को हटाने की प्रक्रिया पूरी की। अभी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर दोनों देशों के करीब 50 से 60 हजार सैनिक हैं।

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