कश्मीर भी बन रहा तालिबान, सिर न ढंकने पर 20 वर्षीय RJ को निशाना बना रहे इस्लामी कट्टरपंथी

श्रीनगर: केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के बारामूला की 20 साल की समानिया भट्ट उत्तरी कश्मीर की सबसे कम आयु की महिला रेडियो जॉकी (RJ) हैं। उन्होंने हाल ही में सरकारी डिग्री कॉलेज, बारामूला से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। इसके बाद उन्होंने बारामूला के सोपोर में स्थित रेडियो चिनार 90.4 FM में जॉब शुरू की। इस उपलब्धि के लिए जहाँ कुछ लोग समानिया की प्रशंसा कर रहे हैं, वहीं कट्टर इस्लामवादियों ने उन्हें निशाने पर ले लिया है।

जब से समानिया भट्ट को सबसे कम उम्र की रेडियो जॉकी के रूप में नौकरी मिली है और उनके एक शो ‘हल्ला बोल विद आरजे समानिया’ की कुछ तस्वीरें वायरल हुईं हैं, तब से इस्लामी कट्टरपंथी सोशल मीडिया पर उनको ट्रोल कर रहे हैं। उनकी पोशाक और CRPF के रेडियो स्टेशन पर उनकी नियुक्ति को लेकर उनपर हमले किए जा रहे हैं। यासिर नाम के एक यूज़र ने कहा कि एक वक़्त था जब बारामूला को छोटा पाकिस्तान कहा जाता था। यह शर्म की बात है कि पश्चिमी संस्कृति ने इस इलाके को जकड़ लिया है। वहीं, आसिफ राजा ने पुछा कि क्या RJ बनने के लिए दुपट्टा हटाना जरूरी था? जावेद ने भी उन्हें निशाना बनाते हुए भट्ट पर अपनी दकियानूसी सोच थोपने का प्रयास किया।

प्रिंस आशु नाम के एक यूजर ने ‘लानत’ लिखते हुए कहा कि, “उसे दीन के बारे में बात करनी चाहिए थी।” गाशु नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा कि, “हम कश्मीरी लोग उसकी सफलता की निंदा करते हैं, क्योंकि वह CRPF समर्थित रेडियो स्टेशन में काम कर रही है।”

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