विश्व चैंपियनशिप जीतने वाली प्रथम भारतीय महिला हैं पीवी सिंधु

इंडिया की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु आज अपना जन्मदिन सेलिब्रेट कर रही है। 5 जुलाई 1995 को हैदराबाद में जन्मीं सिंधु आज 27 वर्ष की हो चुकी है। बहुत कम उम्र में सिंधु का शुमार दुनिया की दिग्गज महिला बैडमिटन खिलाड़ियों में भी किया जाने वाला है। वह भारत की महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलंपिक में मेडल भी जीता था। सिंधु को विश्व पटल पर उस वक़्त पहचान मिली जब वर्ष 2012 में बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन की तरफ से जारी की गई रैंकिंग में उन्होंने 20वां स्थान अपने नाम कर लिया। यह उपलब्धि उन्होंने 17 वर्ष की उम्र में प्राप्त की थी। सिंधु को खेल विरासत में मिल गया था। उनके पिता पीवी रमन्ना और मां पी विजया राष्ट्रीय स्तर तक वॉलीबॉल खेल चुके हैं। आइए आज उनके जन्मदिन के अवसर पर सिंधु के अब तक के बैडमिंटन करियर पर एक निगाह डालते है। 

मलेशिया ओपन 2013- स्वर्ण पदक: साल 2013 में मलेशिया ओपन में स्वर्ण पदक जीतकर सनसनी मचा दी है। जिसके उपरांत वह एक युवा खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बैडमिंटन जगत में बनाने में कामयाब रहीं। 

ग्वांगझू  वर्ल्ड चैंपियनशिप 2013- कांस्य पदक: इसके बाद उसी वर्ष यानी 2013 में एक बार फिर सिंधु ने दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया था। चीन के ग्वांगझू में बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन की तरफ से आयोजित की गई वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक भी अपने नाम कर लिया है। इस मुकाबले में उन्होंने ओलंपिक पदक विजेता वान इहान से मात दी थी। पी वी सिंधु विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहली इंडियन वुमन बन गई। 

डेनमार्क ओपन सुपर सीरीज 2015- रजत पदक: डेनमार्क ओपन सुपर सीरीज के वक़्त सिंधु शानदार फॉर्म में थीं और उन्होंने शीर्ष खिलाड़ी वांग इहान को हराकर फाइनल में स्थान बनाया है। लेकिन जिसके उपरांत फाइनल नहीं जीत सकीं और उन्हें सिल्वर मेडल  से संतोष करना पड़ा। 

रियो ओलंपिक 2016- रजत पदक: भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में नया अध्याय उस वक़्त जुड़ा जब रियो ओलंपिक में अपना दबदबा कायम करते हुए सिंधु ने रजत पदक जीता। उनकी इस असाधारण प्रतिभा के चलते उन्हें नई उचाई प्राप्त हो गई। उस समय भारत की तरफ से ओलंपिक में 116 में किया गया ये सबसे अच्छा प्रदर्शन था। 

इसके अलावा पीवी सिंधु ने इंडिया ओपन 2017 में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने इंडिया ओपन सुपरसीरीज फाइनल में कैरोलिना मारिन को हराते हुए न सिर्फ ओलंपिक का बदला चुकाया बल्कि खिताब भी अपने नाम कर लिया है। जिसके उपरांत 2019 में भी उनका स्वर्णिम सफर जारी रहा और इस साल बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था । उन्होंने फाइनल में जापान की खिलाड़ी नाजोमी ओकुहारा को हराकर यह खिताब जीता था। 

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