उम्मीदों के सहारे यह दिवाली का त्यौहार

देश में खाद्य पदार्थों की कीमत लगातार बढ़ते ही जा रही है जिसके कारण सभी को चिंता सता रही है. देखने में आ रहा है कि आने वाले हफ्ते में ही दिवाली भी आ रही है और साथ ही महंगाई भी बढ़ते जा रही है. तो ऐसे में दिवाली पर महंगाई की मार के कारण आम आदमी लगातार परेशानियों के बोझ के तले दबते ही जा रहा है. मामले में सरकर भी हर संभव कोशिश कर रही है कि इन बढ़ते भावों को रोक जा सके.

सरकार के इन प्रयासों के चलते ही जो दाल 200 रु प्रति किलो के पार चली गई थी वह अब निचे आते हुए देखने को मिली है तो वहीँ सरसों ने फिर से लोगों को रुलाना शुरू कर दिया है. कुछ आंसुओं की कमी जो बाकि रह गयी थी उसे प्याज ने पूरा कर दिया है. आज से पेट्रोल भी महंगा हो गया है तो ऐसा लग रहा है जैसे इस दिवाली घरों के दिए रोशन होने की बजाय लोगो की जेब फटने वाली है.

जी हाँ, बाजार कर रुख की बात करें तो व्यापारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन में इस वक़्त तक खरीदारी शुरू हो जाती है लेकिन इस वर्ष यह रुझान देखने को नहीं मिल रहा है. फिर भी व्यापारियों को जल्द से जल्द मार्केट के फिर से भरने की उम्मीदे है तो वहीँ आम आदमी सरकार से उम्मीद लगाये हुए बैठा है.

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