पंजाब में पराली पर घमासान, किसान बोले- राज्य सरकार ने नहीं की कोई मदद

Oct 17 2020 11:49 AM
पंजाब में पराली पर घमासान, किसान बोले- राज्य सरकार ने नहीं की कोई मदद

अमृतसर: दिल्ली-NCR में प्रदूषण का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है, वहीं इस मुद्दे पर सियासत भी जमकर हो रही है. पंजाब में किसान और सरकार के बीच खींचतान जारी है. वहीं, समाधान के बजाए राजनीतिक दल दिल्ली की हालत के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराने में जरा भी कसार नहीं छोड़ रहे हैं. पंजाब में पराली जलाने को लेकर किसानों के मत्थे दोष मढ़ा जा रहा है. सरकार ने जो उपाय किए हैं, उन्हें सूचीबद्ध करने से सरकार अपने आप पर दाग लगने से बचा रही है. वहीं, किसानों का दावा है कि उन्हें अभी तक सरकार से कोई सहायता नहीं मिली है. 

सरकार ने दावा करते हुए कहा है कि पंजाब में पंचायतें फॉर्म भरती हैं, जिन्हें उन किसानों द्वारा भी भरा जा सकता है, जो पराली नहीं जलाते हैं. राज्य सरकार की मानें तो फिरोजपुर के 50 साल के किसान राजपाल सिंह ने गत वर्ष धान का पुआल नहीं जलाया था, किन्तु उन्हें मुआवजे के लिए आवेदन करने के लिए भरे जाने वाले किसी भी फॉर्म के बारे में जानकारी नहीं दी गई. फरीदकोट जगजीत सिंह ने कहा कि यदि सरकार सचमुच मुआवजे को लेकर गंभीर थी तो उन्हें हमें इसके बारे में सुचारू ढंग से सूचित करना चाहिए था. मुआवजे के लिए सरकार की योजना के बारे में सवाल किए जाने पर कई किसान अनजान थे. 

फिरोजपुर के किसान दिलीप सिंह ने कहा कि इस वर्ष उन्होंने पराली नहीं जलाई है, किन्तु उन्हें नहीं पता कि मुआवजे के लिए किससे संपर्क किया जाए. वहीं, फरीदकोट के किसान सुरजीत सिंह ने कहा कि पिछली दफा काफी नुकसान हुआ था. इस साल वो धान की पराली को जलाने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि वह गत वर्ष की तरह नुकसान नहीं उठाना चाहते हैं. 

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