Punjab असेंबली: विधानसभा में हंगामा होने की संभावना, CAA के खिलाफ लाया जा सकता है प्रस्ताव

Punjab असेंबली: विधानसभा में हंगामा होने की संभावना, CAA के खिलाफ लाया जा सकता है प्रस्ताव

सीएम अमरिंदर सिंह ने बीते दिनों नागरिकता कानून की जमकर आलोचना की थी. इसके साथ उन्होने यह भी कहा था कि पंजाब में ये कानून नही लागू होगा. कानून को रोकने के लिए उन्होने विधानसभा में पूरी तैयारी कर ली है. बता दे कि पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र आज शुरू होगा. इस दो दिवसीय सत्र में विधानसभा में नागरिकता संशोधन काननू (CAA) पर भारी हंगामा होने की संभावना है. सीएए को लेकर कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल दोनों की अग्निपरीक्षा होगी. वहीं, आम आदमी पार्टी के लिए लिए भी खुद की दूमदार उपस्थिति दर्ज कराने की चुनौती होगी. आप की सबसे बड़ी चुनौती यह रहेगी कि महंगी बिजली का मुद्दा उसके हाथ से न निकल जाए.

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विधानसभा के विशेष सत्र की शुरूआत राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर के अभिभाषण से होगी. विशेष सत्र के लिए तीनों पार्टियां सजग नजर आ रही हैं. कांग्रेस को पता है कि महंगी बिजली के मुद्दे पर वह घिर सकती है. इसके लिए उसने अपने तरकश में नागरिकता संशोधन काननू (सीएए) को संभाल कर रखा है. शिअद और आप ने लोकसभा में बिल का समर्थन किया था, हालांकि, इसके बाद से शिअद लगातार कह रही है कि इस कानून में मुस्लिमों को भी शामिल करना चाहिए.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि पंजाब में आप ने अभी स्टैंड स्पष्ट नहीं किया है. कांग्र्रेस की रणनीति है कि अगर सीएए के प्रस्ताव पर अकाली दल और आप वॉकआउट करते हैं, तो उन्हें सदन में खुला समय मिल जाएगा. साथ ही दोनों दल 'एक्सपोजÓ हो जाएंगे. विधानसभा का विशेष सत्र दो दिन का ही होगा, लेकिन राजनीतिक रूप से कांग्रेस, शिअद और आप के लिए खासा महत्वपूर्ण रहेगा.एक तरफ आप ने शिअद-भाजपा सरकार के दौरान प्राइवेट थर्मल प्लांटों से हुए समझौतों को रद करने के लिए विधानसभा के स्पीकर राणा केपी सिंह से प्राइवेट बिल लाने की मंजूरी मांगी है. दूसरी तरफ शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल ने राज्यपाल को मांग पत्र सौंप कर कांग्रेस पर यह आरोप लगाया है कि उसने मिलीभगत करके प्राइवेट थर्मल प्लांटों को लाभ पहुंचाया. इससे आम लोगों पर 4100 करोड़ रुपये का बोझ पड़ा, इसलिए इसकी सीबीआइ जांच होनी चाहिए.

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