पुलवामा हमला: शहीद की माँ का छलका दर्द, कहा अभी तो साड़ी लाया था, अब मैं कैसे जियूं

आगरा: जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में अब तक 44 जवानों के शहीद होने की खबर सामने आई है. इन शहीदों में आगरा जिले के लाल कौशल कुमार रावत भी शहीद हुए हैं. कौशल कुमार रावत की शहादत की खबर सुनने के बाद उनके पैतृक घर में मातम पसर गया है. वृद्ध मां और पिता का रो-रोकर बुरा हाल ही गया है. 

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कौशल की मां का कहना है कि रावत तीन दिन पहले ही छुट्टियां समाप्त होने के बाद ड्यूटी पर लौटे थे. कौशल की मां ने कहा है कि मेरा लाल कुछ ही दिनों पहले तो गांव आया था, मेरे लिए नई साड़ी भी लाया था, अब मैं उसके बिना कैसे जी पाऊँगी. शहीद कौशल कुमार रावत थाना ताजगंज कहरई गांव के रहने वाले थे. 47 वर्षीय कौशल कुमार रावत 1991 में सीआरपीएफ में शामिल हुए थे. उनके दो बेटे और एक बेटी है. बेटी का विवाह हो चुका है, पत्नी ममता और छोटे बेटे विशाल के साथ कौशल कुमार रावत उत्तर प्रदेश के गुड़गांव में रहते थे. जनवरी के अंत में कौशल का ट्रांसफर सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) से जम्मू कश्मीर में हो गया था. वे तबादले के बाद 15 दिन की छुट्टी काटकर गुड़गांव से 12 फरवरी को नई पोस्टिंग के लिए कश्मीर के लिए हुए थे. 

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शहीद के भाई कमल किशोर ने जानकारी देते हुए बताया है कि, बुधवार शाम को जवान ने अपने भाई कौशल कुमार रावत से बात की थी, तब उन्होंने कहा था कि मैं अभी रास्ते में ही हूं, अभी अपने जॉइनिंग प्वाइंट पर नहीं पहुंचा हूं. क्योंकि आगे जबरदस्ती बर्फबारी हो रही है, इसलिए वाहनों को रोक दिया है, लेकिन सब ठीक-ठाक है. गुरुवार शाम 7:30 जवान के भाई को उनकी शहादत की खबर मिली. 

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