शंख से आती है खुशहाली

वास्तु विज्ञान भी इस तथ्य को मानता है कि शंख में ऐसी खूबियां है जो वास्तु संबंधी कई समस्याओं को दूर करके घर में सकारात्मक उर्जा को आकर्षित करता है जिससे घर में खुशहाली आती है.हिन्दू धर्म में शंख को बहुत ही शुभ माना गया है, इसका कारण यह है कि माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु दोनों ही अपने हाथों में शंख धारण करते हैं. जन सामान्य में ऐसी धारणा है कि, जिस घर में शंख होता है उस घर में सुख-समृद्धि आती है.

1-शंख बजाने का स्वास्थ्य लाभ यह है कि यदि कोई बोलने में असमर्थ है या उसे हकलेपन का दोष है तो शंख बजाने से ये दोष दूर होते हैं. शंख बजाने से कई तरह के फेफड़ों के रोग दूर होते हैं जैसे दमा, कास प्लीहा यकृत और इन्फ्लून्जा आदि रोगों में शंख ध्वनि फायदा पहुंचाती है.

2-शरीर की तरह घर भी अस्वस्थ, अशांत और बीमार होता रहता है जिससे घर में रहने वाले सदस्यों की स्थिति से घर प्रभावित होता है. घर के लोगों की मनोदशा सुधारने के टिप्स इस प्रकार हैं. घर में अगर लड़ाई-झगड़े बढ़ गये हों तो विष्णु शंख की स्थापना करें. मकान के मुख्य द्वार पर शीशा कभी न लगायें. मकान के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व भाग में फर्श पर दरी या कालीन कभी न बिछायें. घर के सामने सहारा लेकर चढ़ने वाली बेलें कभी न लगाएं. घर में बंद घड़ी न रखें तथा अंदर-बाहर कांटेदार पौधे न लगाएं.

3-यदि किसी को कोई विषैला कीड़ा यथा सांप या बिच्छू काट ले तो इस शंख में देशी गाय का मूत्र भरकर काटे हुए स्थान पर उस गो मूत्र को लगाया जाये तो विष शीघ्र उतर जाता है. जिस घर में यह शंख होता है, वहां सांप-बिच्छू जैसा कोई भी जहरीला कीड़ा नहीं रह पाता है.

4-कामधेनु गोमुखी शंख के ऊपर का भाग गाय के सींग जैसा प्रतीत होता है. इसकी आकृति के कारण इसको बजाना आसान नहीं होता, परंतु जो लोग इसमें से ध्वनि निकाल सकते हैं उनके फेफड़े बहुत मजबूत हो जाते हैं.

तुलसी से होता है बाझपन दूर

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