समय पर उपचार न मिलने से प्रोफेसर की मौत, बैठाई जांच

अलिगढ़ : अलिगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के माॅडर्न इंडियन लैंग्वेज के चेयरमैन प्रो. डी मूर्ति की मेडिकल काॅलेज में मौत हो गई। इस मौत को लेकर अब जांच कार्रवाई की जा रही है। दरअसल सवाल इस बात का है कि आखिर प्रोफेसर डी मूर्ति को घंटों बाद भी एंबुलेंस नहीं मिल सकी थी, ऐसा क्यों हुआ। अलिगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने इस मामले में कहा कि इस मामले में जांच की जा रही है। प्रोफेसर मूर्ति की मौत के लिए जो लोग जवाबदार होंगे उनके विरूद्ध कार्रवाई किए जाने की बात भी कही गई है।

हालांकि चिकित्सक द्वारा जानकारी दी गई है कि प्रोफेसर मूर्ति आंत के कैंसर से ग्रस्त थे। हालांकि इस मामले में उनके करीबी मस्तान द्वारा आरोप लगाए गए कि उनके उपचार में लापरवाही बरती गई। गौरतलब है कि वेल्लोर जिले के रंगापुरम क्षेत्र के थरू वीकानगर निवासी प्रो. मूर्ति तमिल भाषा के प्रोफेसर थे। उन्हें गत 1 अप्रैल को ही प्रमुख बनाया गया था। उन्हें पेट में परेशानी थी। जब उनकी जांच हुई तो उन्हें आंत का केंसर होने की जानकारी मिली।

सोमवार को उनके स्वास्थ्य में खराबी आ गई और फिर उन्हें उपचार के लिए ले जाया गया मगर तब तक उनकी किडनी भी फेल हो गई। दिल्ली रैफर करने के लिए उन्हें एंबुलेंस नहीं मिली इसके बाद काफी देर हो जाने के बाद उनकी मौत हो गइ। अब इस मामले में जांच की जा रही है। कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने जेएन मेडिकल काॅलेज जाकर चिकित्सकों से उपचार कर की जानकारी ली। उन्होंने कहा है कि यह घटना आश्चर्य में डालने वाली है रोगी के उपचार में यदि देरी हुई है तो इसकी जांच की जाएगी।

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