जल्द ही घटेगा चावल का उत्पादन

जल्द ही घटेगा चावल का उत्पादन

नई दिल्ली : मानसून की स्थिति चिंताजनक हो चुकी है और इस कारण किसानों के चेहरे ही हंसी भी कहीं खो गई है. किसानों का कहना है कि बारिश का जो आलम है उसे देखकर किसानों को फसल के उत्पादन को लेकर भी चिंता ही रही है. इस दौरान यह बात भी सामने आ रही है कि भारत का चावल निर्यात भी 2020 तक आलोच्य अवधि से 40 से लेकर 50 प्रतिशत तक कम हो जायेगा. ये बातें हाल ही में राबोबैंक की एक रिपोर्ट से सामने आई है, साथ ही यह भी सामने आया है कि धान की पैदावार में यह कमी फसल के लिए सीमित भूमि होने के साथ ही बारिश की कमी के कारण भी हो रही है.

इस रिपोर्ट से यह भी जानकारी में आया है कि मौजूदा समय में भारत के द्वारा करीब 1 करोड़ टन चावल का निर्यात किया जाता है लेकिन यह वर्ष 2020 तक घटकर 50 से 60 लाख टन हो जाने की उम्मीद है. रिपोर्ट का कहना है कि कई बड़ी चावल कंपनियां अपनी ग्रोथ को लेकर ब्रांडेड बिज़नेस में घरेलू मार्केट में ज्यादा ध्यान देने वाली है.

मामले में यह कहा गया है कि घरेलू बाजार का आकार फ़िलहाल 2.4 अरब डॉलर बताया जा रहा है जोकि वर्ष 2017 तक 3.5 अरब डॉलर तक पहुँच जाने कि उम्मीद है. चावल की पैदावार की बात करें तो आपको बता दे कि जून माह से शुरू हुए पिछले फसल वर्ष के दौरान चावल की पैदावार 10.48 करोड़ टन रही है जोकि पूरे वर्ष की तुलना में बहुत कम है. बताया जा रहा है कि चावल की पैदावार में यह कमी मानसून में कमी की वजह से देखने को मिली है.