आगामी 6 महीनों में निजी निवेश एक बड़ी चिंता

Jan 25 2016 11:22 AM
आगामी 6 महीनों में निजी निवेश एक बड़ी चिंता

नई दिल्ली : देश की अर्थव्यवस्था को पिछले कुछ समय से तेजी के साथ आगे बढ़ते हुए देखा जा रहा है. इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि आगे भी देश की अर्थव्यवस्था में तेजी बनी रह सकती है, और यह इससे भी तेज गति से आगे बढ़ सकता है. इस मामले में जानकारी देते हुए उद्योग मंडल एसोचैम की एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमे यह कहा गया है कि जहाँ एक तरफ क्षमता से कम का इस्तेमाल एक बड़ा मामला बना हुआ है तो वहीँ दूसरी तरफ मुनाफा मार्जिन पर दबाव बना हुआ है जिस कारण निजी क्षेत्र का निवेश एक बड़ी चिंता के रूप में सामने आ रहा है.

एसोचैम ने इस रिपोर्ट में 63 प्रतिशत लोगों के विचार भी बताये है जिनका यह मानना है कि आने वाले 6 महीनों में देश में सुधार देखने को मिल सकता है. जबकि इसके साथ ही यह बात भी सामने आई है कि अपनी क्षमता का इस्तेमाल कम हो रहा है जिस कारण निजी क्षेत्र का निवेश, अतिरिक्त आपूर्ति और मुनाफे पर दबाव अगली कुछ तिमाहियों में चिंता के रूप में ऐसे ही बने रहने वाले है.

इसके साथ ही करीब 58.3 फीसदी लोगों की घरेलू निवेश को लेकर यह राय सामने आई है कि व्यक्तिगत कंपनी के स्तर पर निवेश योजना में कोई बदलाव नहीं होने वाला है. इसके साथ ही ऐसे 62.5 फीसदी लोग भी सामने आये है जिनका यह मानना है कि जनवरी से मार्च, 2016 के दौरान निवेश के स्तर में किसी तरह का कोई बदलाव सामने नहीं आने वाला है.