जानिए प्रीति महापात्रा ने कैसे बिगाड़ दिया है कांग्रेस और सपा का गेम ?

जानिए प्रीति महापात्रा ने कैसे बिगाड़ दिया है कांग्रेस और सपा का गेम ?

लखनऊ : गुजरात की रहने वाली प्रीति महापात्रा ने राज्यसभा के लिए उत्तर प्रदेश से नॉमिनेशन भरकर सपा से लेकर कांग्रेस तक को अचंभे में डाल दिया है। कांग्रेस-सपा के उम्मीदवार कपिल सिब्बल को पहले ही बाहर के वोटों की जरुरत थी। हांलाकि प्रीति स्वतंत्र उम्मीदवार है, लेकिन बीजेपी के 10 विधायक उनके प्रस्तावक बने है।

11 जून को उतर प्रदेश से 11 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले मतदान में 7 पर सपा, 2 पर बसपा और 1-1 पर कांग्रेस और बीजेपी को उम्मीवार उतारना है। यूपी से राज्यसभा जाने का सपना संजोये लखनऊ पहुंची कृष्णलीला फाउंडेशन की प्रीति का नामांकन खारिज होने से बाल-बाल बचा। निर्दलीय कैंडिडेट के आने से छोटे दलों चौधरी अजितसिंह के राष्ट्रीय लोकदल के आठ विधायक अहम हो गए हैं।

प्रीति के नॉमिनेशन में पीस पार्टी के विधायक डॉ.अयूब का भी नाम था। कांग्रेस के यूपी में 28 विधायक है। सपा ने कांग्रेस को 6 विधायकों का सपोर्ट देने का वादा किया था। यूपी में जीतने के लिए एक राज्यसभा सदस्य को 34 विधायकों का वोट चाहिए। इस प्रकार से कांग्रेस को 5 और सपा को 12 अतिरिक्त विधायकों का सपोर्ट चाहिए। लेकिन प्रीति के मैदान में आने से कांग्रेस का गणित गड़बड़ा गया है।

सपा के पास 224 विधायक है, जिनके सहारे सपा 6 को राज्यसभा भेज सकती है। नामांकन के बाद प्रीति ने कहा कि मैं उप्र की सेवा करने आई हूं। मैं एनजीओ की तरह काम करती हूं। बीजेपी के सपोर्ट पर इनकार करते हुए बोलीं, 'कहां से वोट मिलेंगें यह सोचकर ही नामांकन किया है। बता दें कि प्रीति गुजरात के बड़े बिजनेसमैन हरिहर महापात्रा की पत्नी हैं।

वह कृष्णलीला फाउंडेशन नाम की एक गैरसरकारी संस्था भी चलाती हैं और खुद भी बिजनेस करती हैं। उनकी यह फाउंडेशन टॉयलेट मिशन के तहत कई राज्यों में काम करती है। जो कि मुख्य रूप से गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा में सक्रिय है। प्रीति हाल ही में नवसारी जिले में 10 हजार टॉयलेट बनवाकर सुर्खियों में आई थीं।