स्टेन स्वामी की मौत के बाद भूख हड़ताल पर एल्गार परिषद मामले से जुड़े कैदी, जांच की मांग

नई दिल्ली: एल्गार परिषद मामले (Elgar Parishad Case) में आरोपी फादर स्टेन स्वामी की मौत की तफ्तीश कराए जाने की मांग तेज हो गई है. मुंबई की तलोजा सेंट्रल जेल (Taloja Central prison) में बंद एल्गार परिषद से संबंधित लोग बुधवार को भूख हड़ताल कर रहे हैं. जेल में बंद एल्गार के कैदियों ने इसे 'संस्थागत हत्या' करार दिया है. स्टेन स्वामी की मौत के लिए उन्होंने नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी (NIA) और तलोजा जेल के सुप्रिंटेंडेंट कौस्तुभ कुरलीकर को जिम्मेदार ठहराया है. 

तलोजा जेल में बंद कैदियों का कहना है कि NIA और कौस्तुभ कुरलीकर ने फादर स्टेन स्वामी को उत्पीड़ित करने का कोई मौका नहीं छोड़ा. चाहे वो जेल के भीतर मिलने वाला उपचार हो, या फिर अस्पताल से जेल लाने की जल्दबाजी हो या फिर सिपर जैसी मामूली चीजों की खिलाफत करना हो. उनका कहना है कि इन्हीं सब कारणों से फादर स्टेन स्वामी की मौत हुई. उन्होंने NIA के अफसरों और कौस्तुभ कुरलीकर के खिलाफ क़त्ल का मुकदमा चलाने की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने स्टेन स्वामी की हत्या को 'संस्थागत हत्या' करार देते  हुए इसकी न्यायिक जांच (Judicial Enquiry) की भी मांग की है. 

उनका कहना है कि वो महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे को इन्हीं सब मांगों को लेकर एक पत्र भी लिखने वाले हैं. जेल में बंद एल्गार कैदियों ने जेल सुप्रिंटेंडेंट पर और भी कई संगीन इल्जाम लगाए हैं. एल्गार परिषद मामले से संबंधित दो बंदियों ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया था कि जेल सुप्रिंटेंडेंट उनके पर्सनल लेटर या वकीलों के लेटर वक़्त पर नहीं दे रहे हैं या उन्हें रोक रहे हैं. उच्च न्यायालय ने इस मामले में जेल सुप्रिंटेंडेंट से जवाब दाखिल करने को कहा है.

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