सनातन संस्था ने रखा अपना पक्ष, लड़कियों ने कहा अपनी मर्जी है यहाँ

मुंबई : सनातन संस्था पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर सनातन संस्था द्वारा आज अपना पक्ष सामने रखा गया। जिसमें सनातन संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि सनातन संस्था में रहने वाली प्रीति और प्रिया को किसी तरह से दबाव में नहीं रखा गया है। वे लड़की के पिता की तरह चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लड़कियां अपनी इच्छा से ही आश्रम में रह रही हैं। अपने दावे को लेकर अधिकारियों ने सनातन संस्था ने कुछ पुलिस अधिकारियों का हवाला भी दिया गया। 

पदाधिकारियों ने कहा कि लड़कियों को सम्मोहित कर बंधक बनाने का आरोप गलत है। वकील होने के बाद भी एक पदाधिकारी सनातन संस्था से जुड़े हैं वे भी इस संस्था द्वारा बताई गई साधना करते हैं। सनातन संस्था ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन लड़कियों को भी मीडिया से मुखातिब करवाया जिन्हें लेकर तरह-तरह के आरोप लगाए गए। इस मामले में स्वाति ने कहा कि यहां किसी तहर का सम्मोहन नहीं किया जा रहा है। 

वह अपनी इच्छा से यहां रह रही है। यदि कोई सम्मोहन किए जाने के बाद यहां रखे जाने की बात करता है तो वह गलत कह रहा है। यदि कोई सम्मोहित होता है तो क्या यहां बैठे पत्रकारों को ऐसा लग रहा है कि यहां सम्मोहन हो रहा है। स्वाति ने कहा कि वह अवकाश के दौरान अपने परिवार से मिलने पहुंचती है और अपनी बेटियों से मिलती हैं। उन्होंने अपने पिता पर ही अन्य किसी द्वारा सम्मोहित होने की बात कही।

प्रिया ने कहा कि वह एक चिकित्सक है। वह इस बात को समझती है। उन्होंने नरेंद्र दाभोलकर का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है। सनातन संस्था अच्छा कार्य कर रही है। उसके कार्यों को गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है। सनातन संस्था में रह रही युवति प्रीति ने कहा कि उसने अपने पिता जी को सनातन संस्था के कार्यों से अवगत करवाया।

इस संस्था में सामाजिक कार्य किए जाने की बात कही गई। सनातन संस्था पूर्णरूप से अपना समर्पित कार्य कर रही है। उन्होंने बंधक बनाकर रखने की बात से इंकार किया। उन्होंने कहा कि यहां रहने वाले लोग उनके भाई-बहन के समान हैं। सनातन संस्था के कार्यों को लेकर गंदा आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें जान का खतरा है, इसलिए किसी को भी अपना पता न दें और स्वतंत्र रूप से रहने दिया जाए। प्रीति ने भागने और पैसे साथ ले जाने की बात से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि उनसे उनका अधिकार न छिना जाए। प्रीति ने कहा कि घर में उनके साथ बुरा व्यवहार किया जाता था। आरएसएस के लोगों ने हमें सहयोग किया और हम आरएसएस से जुड़े।

पत्रकारों से चर्चा में प्रिया ने कहा कि जिस तरह से मेरे भाई राजेश को बुरा बताया जा रहा है वह बुरा नहीं है। उन्होंने कहा कि खंडेलवाल परिवार के मुखिया पिता की तरह हैं। घर से भागे है। यह कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि वे स्वतंत्र रूप से रहना चाहते हैं। वे साधना करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि वे घर जाकर साधना कर सकते हैं लेकिन घर जाने के बाद अच्छा व्यवहार नहीं किया गया। भोजन आदि नहीं दिया गया। उन्होंने अपने परिवार पर घर में बंदी बनाकर रखने का आरोप लगाया।

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