राष्ट्रपति ने राज्यपालों को दिया नए साल का ज्ञान

Jan 09 2016 02:03 PM
राष्ट्रपति ने राज्यपालों को दिया नए साल का ज्ञान

नई दिल्ली : कर्नाटक में जहां एक ओर राज्यपाल अपनी ही जुबान पर काबू नही रख पाए तो वहीं देश के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने राज्यपालों को एक साथ कई नसीहतें दे डाली। राष्ट्रपति ने देश के संवैधानिक पदों पर बैठे राज्यपालों से कहा कि संविधान के दायरे में रहकर दायित्वों का निर्वहन करे। प्रेसीडेंट ने नए साल में राज्यपालों से यह भी कहा कि राज भवनों को भी स्मार्ट राजभवन बनाया जाए।

राष्ट्रपति वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए देश के गवर्नरों से बात कर रहे थे। मुखर्जी ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में राज्यपाल ही उस राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है। उन्हें संविधान की रुप रेखा के अंतर्गत ही काम करना चाहिए। दूसरे शब्दों में कहें तो उन्हें राज्य के तीन अंगों-कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका के विशिष्ट अधिकारों व जिम्मेदारियों का सम्मान करते हुए उन्हें दी गई जिम्मेदारी अदा करनी चाहिए। उन्होने कहा कि राज्यपालों को अपने विवेक, अनुभव और नैतिक अधिकारों के साथ केंद्र व राज्यों से सौहार्दपूर्ण संबंध बनाना चाहिए, जो राज्य और उनकी जनता के हित में हो।

मुखर्जी ने कहा कि उन्हें अपने कुशल नेतृत्व और मुख्यमंत्रियों के साथ संतुलन के प्रभाव का इस्तेमाल केंद्र की योजनाओं का उपयोग करते हुए बदलाव प्रक्रिया में मदद में करना चाहिए। इन कार्यक्रमों में स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी मिशन, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्किलिंग इंडिया आदि हैं। उन्होने 87 साल पहले बने राष्ट्रपति भवन को भी नया रुप देने पर जोर डालते हुए कहा कि आधुनिकीकरण के लिए कई कदम उठाए। आप राजभवनों को स्मार्ट राजभवनों में तब्दील कर सकते है।

राष्ट्रपति ने राज्यपालों को ट्रिपल एच का फॉर्मूला भी दिया। मुखर्जी ने कहा कि मैंने राष्ट्रपति भवन में मानवोचित (ह्यूमन), उच्च तकनीक वाली (हाई-टेक) और ऐतिहासिक महत्व वाली (हेरिटेज) टाउनशिप बनाने का प्रयास किया है। इन तीन ‘एच’ के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए हमारी सभी गतिविधियों को तेज किया गया है।