जम्मू कश्मीर में बड़े एक्शन की तैयारी, तीनों सेना प्रमुखों के साथ गृह मंत्री की बैठक, सभी स्कूलों में राष्ट्रगान अनिवार्य

जम्मू कश्मीर में बड़े एक्शन की तैयारी, तीनों सेना प्रमुखों के साथ गृह मंत्री की बैठक, सभी स्कूलों में राष्ट्रगान अनिवार्य
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श्रीनगर: हाल ही में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के रियासी, कठुआ और डोडा में लगातार हुए आतंकी हमलों के बाद सरकार अलर्ट मोड में नज़र आ रही है। रियासी में हुए हमले में शिव खोड़ा मंदिर से लौट रही बस पर आतंकियों द्वारा की गई गोलीबारी से 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जिनमें बच्चे और महिलाएँ भी शामिल थीं। अब प्रदेश में आतंकियों के खिलाफ  को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक उच्च स्तरीय बैठक की है। वहीं, प्रदेश की पूर्व सीएम महबूबा मुफ़्ती जम्मू कश्मीर में राष्ट्रगान को अनिवार्य किए जाने के फैसले पर सवाल उठा रही है।

बता दें कि, जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराए जाने की चर्चाएं चल रहीं थीं, मगर आतंकी हमले फिर बढ़ गए हैं। इस बीच प्रदेश के स्कूली शिक्षा विभाग ने तमाम विद्यालयों में सुबह की असेम्ब्ली के दौरान राष्ट्रगान को अनिवार्य कर दिया है। इसे स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल बताते हुए विभाग ने कहा है कि सुबह के इस प्रैक्टिस का जम्मू कश्मीर में सभी स्कूलों में समान रूप से अनुसरण नहीं किया जा रहा था। वहीं पूर्व CM महबूबा मुफ़्ती का कहना है कि वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। हालाँकि, प्रशासन का कहना है कि राष्ट्र को लेकर बच्चों में गर्व की भावना भरने के लिए ये कदम उठा रहे हैं, ताकि उनमे राष्ट्रप्रेम की भावना जगे और वे बहकावे में आकर आतंकवाद का रास्ता न अपनाएं।

शिक्षा विभाग का कहना है कि, इससे बच्चों में राष्ट्रीय पहचान मजबूत होगी। साथ ही अनुशासन और एकता को बढ़ावा देने की भी आशा इस कदम से की जा रही है। राष्ट्रगान में बच्चे और शिक्षक, दोनों शामिल होंगे। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि ये प्रैक्टिस नैतिक मूल्यों का संरक्षण, साझा सामाजिक भावना और शक्ति के सिद्धांतों को पोषित करने का कार्य करेगी। बता दें कि, जम्मू कश्मीर में इस तरह का फैसला पहली मर्तबा लिया गया है। इसके साथ ही स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वो बच्चों को राष्ट्र के प्रति जागरूक करते रहें, उन्हें देश की महान हस्तियों/स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनी पढ़ाएँ और उनका उत्साहवर्धन करें।

वहीं, 3 आतंकी हमलों के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर से आतंकवाद के खिलाफ प्लान तैयार करने लिए रविवार (16 जून, 2024) को एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई है। 1 दिन पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर बैठक ली थी। रविवार को 360 डिग्री रिव्यू किया जाएगा। NSA अजीत डोभाल के साथ ही जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा, तीनों सेनाओं के प्रमुख के अलावा IB और R&AW के मुखिया भी इस बैठक में उपस्थित रहेंगे।

इस बीच अमरनाथ यात्रा की तैयारियों को लेकर भी समीक्षा की जाएगी, जो 29 जून, 2024 से ही ये शुरू होने वाली है। ऐसे में मात्र 15 दिन ही शेष हैं और तीसरी बार मोदी सरकार बनने के बाद आतंकी बौखलाए हुए हैं। अमरनाथ यात्रा पर भी खतरा है, धर्मांध जिहादी, श्रद्धालुओं को निशाना बना सकते हैं। ऐसे में सुरक्षबलों को अलर्ट कर दिया गया है। श्रीनगर में हाल ही में यूनिफाइड कमांड मीटिंग भी हुई थी, जिसमें सिक्योरिटी का जायजा लिया गया। अमित शाह की आगामी बैठक में सशस्त्र बलों के निदेशक भी शामिल होंगे। 

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