यज्ञ में 108 आहुतियां देकर की गईं 'भगत सिंह' के पुनर्जन्म की प्रार्थना

सहारनपुर: बन्दे मातरम मिशन के युवाओं ने शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की 127 वीं जयंती पर हवन एवं 108 दीप जलाए कर उनके पुर्नजन्म के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इसके साथ ही युवाओं ने अखंड भारत निर्माण का संकल्प भी लिया।  वन्दे मातरम मिशन के स्वयं सेवकों ने दूध, दही, शहद एवं गंगा जल से भगत सिह की मूर्ति को स्नान कराकर भगवा वस्त्र पहनाए और मशीन से लगातार फूलों की बरसात की। प्रतिमा पर खून से तिलक कर दुनिया के करोड़ों युवाओं के आदर्श भगत सिंह को भारत रत्न देने की मांग भी की गई।

इस अवसर पर स्वयं सेवकों ने हवन यज्ञ भी किया। यज्ञ में 108 आहुतियों दी गयीं। युवाओं ने यज्ञ देवता से आहुतियों द्वारा भगतसिंह के पुनर्जन्म के लिए भी प्रार्थना की। भगवा बसन्ती पगड़िया पहनकर मेरा रंग दे बसंती चोला गीत पर देशभक्ति की मस्ती में स्वयं सेवको ने क्रांतिकारी भगत सिंह की मूर्ति की नंगे पांव की 11 बार परिक्रमा की। वन्दे मातरम मिशन के संस्थापक विजयकांत चौहान ने कहा कि भगत सिंह कोई व्यक्ति विशेष नहीं, अपितु अन्याय, जुल्म, उत्पीड़न के खिलाफ बुलन्द हौसलों के साथ संघर्ष करने वाली क्रांतिकारी विचारधारा का नाम है। 

इस अवसर पर रजनीश राणा, भीम राणा, चेतन, कोमल चौधरी, बृजेश सिंह, चौकी इंचार्ज मेहर सिंह, आदेश सैनी, ओमकार चूड़ामणि, प्रतीक शर्मा, रुद्र शर्मा, दिनेश हिन्दू, हरि राम, सरदार हरजीत सिंह, नरूला, अधिवक्ता पूनम सिंह, अधिवक्ता विकास चौधरी, सुनिल पवार, नितिन वर्मा, अमित भारत, आकाश चौधरी आदि सेकड़ो युवओं ने भगत सिंह की मूर्ति पर दूध, गंगा जल चढ़ाकर भगतसिंह के सपने का भारत बनाने का संकल्प लिया।

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