अपने साथ भारत सरकार और सवा अरब भारतीयों की शुभकामनाएं लेकर आया हूंः राष्ट्रपति

बीजिंग : राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी इन दिनों चीन की यात्रा पर है। उन्होने कहा है कि यदि भारत और चीन मिल जाएं तो दुनिया भर में शांति और स्थायित्व की स्थापना की जा सकती है। इसके जवाब में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस दौरे से चीन और भारत के बीच उच्च स्तरीय वार्ता में गति आएगी।

रिश्ते मजबूत होंगे। गुरुवार को मुखर्जी और जिनपिंग के बीच मुलाकात हुई। मुखर्जी ने जिनपिंग से कहा कि मैं अपने साथ भारत सरकार और सवा अरब भारतीयों की शुभकामनाएं लाया हूं। मेरी इस यात्रा से दोनों देशों के बीच दोस्ती मजबूत होगी। मुर्खर्जी को वहां 21 तोपों की सलामी देकर स्वागत किया।

जिनपिंग ने भी अपने भारत दौरे को याद करते हुए मुखर्जी की तारीफ की। राष्ट्रपति ने चीन को याद दिलाया कि भारत ने भी उसे 60-7- के दशक में संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता दिलामने में मदद की थी। उसे स्थायी सदस्य बनवाने में मदद किया था।

उनका यह कहना इस मायने में महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन न केवल सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का विरोध कर रहा है बल्कि जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को आतंकी सूची में शामिल किए जाने का भी विरोध कर रहा है।

राष्ट्रपति ने पीकिंग यूनिवर्सिटी में भारत-चीन के बीच विकास में साझेदारी के लिए राजनीतिक समझबूझ विकसित करने पर जोर दिया। दस भारतीय विश्वविद्यालयों ने चीन की यूनिवर्सिटियों के साथ समझौते किए।

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