डाक के साथ गंगा जल लाएगा डाकिया

May 30 2016 03:39 PM
डाक के साथ गंगा जल लाएगा डाकिया

नई दिल्ली : यदि आपके घर में गंगा जल समाप्त हो गया है या फिर आपके घर में गंगा जल की आवश्यकता है और आप हरिद्वार या ऐसे स्थान पर जहां पर गंगा जी बहती हों वहां जा नहीं सकते हैं तो कोई बात नहीं आपके घर पर आने वाला डाकिया आपको गंगा जल देकर जाएगा। अर्थात् पहले जहां डाकिये का कार्य पत्र प्रेषित करना था वहीं अब उसका कार्य गंगा जल देना भी होगा।

दरअसल केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मोदी सरकार के दो वर्ष के कामकाज को लेकर पत्रकारों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के अच्छे कार्यों को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि दूरसंचार विभाग ने यूं तो कई टेक्नोलॉजिकल अपडेट्स किए हैं कई नए तरह के कार्य किए हैं। यही नहीं इस सेक्टर में 27000 करोड़ रूपए का विदेशी निवेश आया है।

देश में मोबाईल फोन की संख्या बढ़ गई है। मगर एमटीएनएल के टेक्नोलॉजी सेंटर में डाक विभाग की नई योजनाओं की शुरूआत होने जा रही है। इस सिलसिले में भारतीय डाक और दूरसंचार विभाग दोनों ही मिलकर कार्य करेंगे। इस योजना के अंतर्गत लोग ऑनलाईन माध्यम से ही डाक विभाग के माध्यम से गंगा जल मंगवा सकेंगे। इसके लिए लोग अपने घरों में बैठकर ही बुकिंग कर पाऐंगे। बदले में लोगों को डाकिया गंगा जल का पैकेट देकर जाएगा।

उन्होंने कहा कि संचार भगवान घोटाले का केंद्र था। उसकी सूरत बदल चुकी है। इस भवन में बिचौलियों का आना कम हो गया। इस मामले में यह कहा गया है कि सरकार 1.10 लाख करोड़ रूपए के स्पैक्ट्रम की नीलामी कर ली।

टॉवर्स को लेकर आगे बढ़े कंपनियां 

कॉल ड्रॉप के मसले पर रविशंकर प्रसाद द्वारा कहा गया कि अच्छी सेवा देना कंपनियों की जवाबदारी है। जब सख्ती की गई तो देशभर में कंपनियों ने टॉवर लगाए। इस मामले में रेडिशन किसी तरह का आधार नहीं है। सरकार लगातार आगे बढ़ रही है। कंपनियों को अपनी क्षमताओं को लेकर आगे कदम बढ़ाने होंगे। केंद्रीय मंत्री रविशंकर ने कहा कि 2 से 3 माह में स्पैक्ट्रम नीलामी प्रारंभ हो जाएगी।

देश में मोबाईल क्रांति का दौर है। स्पैक्ट्रम पर कंपनियों की हर बार शिकायत होती रही है। स्पैक्ट्रम की नीलामी की प्रक्रिया जैसी होती है वह अपनाई जाएगी। मोबाईल सर्विस को बेहतर बनाने हेतु सरकार को सख्ती से कदम उठाने हैं। सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है।