कांग्रेस का नया नारा, नफरत से नहीं प्यार से जीतेंगे

कांग्रेस का नया नारा, नफरत से नहीं प्यार से जीतेंगे

नई दिल्ली: 20 जुलाई को संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी का पीएम नरेंद्र मोदी से गले मिलना, एक और जहाँ राहुल गाँधी के मज़ाक का कारण बन रहा है, वहीँ दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को भुनाने में लगी हुई है. इसी का एक उदहारण मुंबई के अँधेरी इलाके में देखने को मिला, जहाँ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राहुल गाँधी और पीएम मोदी के गले मिलने वाले पोज़ का एक बड़ा पोस्टर लगाया है, साथ में एक सन्देश भी लिखा है "नफरत से नहीं, प्यार से जीतेंगे".

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सूत्रों के अनुसार इन पोस्टर्स के पीछे मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व सांसद संजय निरुपम का दिमाग है, उन्होंने ही इस तरह के पोस्टर छपवाने के निर्देश दिए थे. खुद संजय ने भी अपने ट्विटर हैंडल पर इस पोस्टर को शेयर किया है. गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने भी संसद में अपने भाषण के दौरान कहा था कि "आप चाहे मुझे पप्पू कहें, मेरी हसीं उड़ाएं, मुझे अपशब्द कहें लेकिन मेरे मन में आपके लिए जरा भी नफरत नहीं है."

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इसके अलावा शनिवार को राहुल गाँधी ने इस सम्बन्ध में एक ट्वीट भी किया था, जिसमे उन्होंने लिखा था कि पीएम मोदी अपने अफसाने गढ़ने के लिए हमारे कुछ लोगों के दिल में डर, नफरत और गुस्सा भरते हैं. हम यह साबित करेंगे कि सभी भारतीय के दिल में प्यार और सद्भावना भरकर ही देश को सवारा जा सकता है.' कांग्रेस के इस बदले रवैये को देखकर लगता है कि शायद उसे समझ में आ गया है कि अगर उन्होंने खुले आम पीएम मोदी का विरोध किया तो पासा उल्टा भी पड़ सकता है, इसलिए वे अब प्रेम से सत्ता हासिल करने में लग गए हैं.  

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