जीता सैनिकों का सत्याग्रह, वन रैंक वन पेंशन पर बनी बात

Sep 03 2015 11:52 AM
जीता सैनिकों का सत्याग्रह, वन रैंक वन पेंशन पर बनी बात

नई दिल्ली : आखिरकार वन रैंक वन पेंशन पर भारत के पूर्व सैनिकों को उनका अधिकार मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। सीमा पर गन चलाकर देश की रक्षा कर चुके सैनिकों को आखिरकार महात्मा गांधी के हड़ताली रास्ते पर आना पड़ा और उनका धरना रंग लाया। दरअसल सरकार के साथ पूर्व सैनिकों के मतभेद लगभग सुलझ गए हैं। पूर्व सैनिकों ने प्रति 2 वर्षों में पेंशन योजना की समीक्षा की मांग करने का मन बना रहे हैं। 

मिली जानकारी के अनुसार वन रेंक वन पेंशन की मांग को लेकर जंतर मंतर पर पूर्व सैनिक धरना दे रहे हैं। इन पूर्व सैनिकों को लगभग 80 दिन बीत चुके हैं। मगर इनका प्रदर्शन लगातार जारी है। सेवानिवृत्त मेजर जनरल सतबीर सिंह ने मामले में कहा कि बीते कुछ समय में उन्हें सरकार से सकारात्मक संकेत मिले हैं। हालांकि इस मामले में अभी तक औपचारिक घोषणा नहीं की जा सकी है। मगर माना जा रहा है कि पूर्व सैनिकों के आंदोलन को काफी अच्छी सफलता मिली है।

हालांकि पूर्व सैनिक सरकार का रूख जानना चाहते हैं। मगर उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनके पक्ष में ही निर्णय लेगी। इस मामले में यह बात भी सामने आई है कि पूर्व सैनिक आज के अनुसार अपनी पेंशन की मांग कर रहे हैं आर्थात् 1956 में तीन साल की अवधि में सेवानिवृत्त होने वाले कर्नल रेंक के अधिकारी को वर्तमान में कर्नल रेंक से रिटायर होने वाले अधिकारी को मिलने वाली पेंशन के बराबर पेंशन मिलने की मांग की जा रही है।