बजट से पहले बेरोजगारी पर शुरू हुई सियासी जंग, एक बार फिर आमने-सामने आए भाजपा-कांग्रेस

रायपुर: बजट से पहले छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी के मसले पर एक बार फिर बीजेपी एवं कांग्रेस आमने-सामने आ गई है। बीजेपी ने जहां बेरोजगारी भत्ते को लेकर एक बार फिर से बघेल सरकार को घेरने का प्रयास किया है, वहीं कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रोजगार को लेकर किए गए वादे की याद दिलाई।  

दरअसल, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चिट्ठी लिखकर रोजगार के लिए बजट में 3 वर्ष के अनुसार नौ हजार करोड़ रखने की अपील की है। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मरकाम ने साय पर निशान साधते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री भूपेश की जगह प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखें तथा 2 करोड़ रोजगार प्रत्येक वर्ष के साथ 15-15 लाख रुपये की मांग करें।

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चिट्ठी लिखकर आगामी बजट में राज्य के बेरोजगार युवाओं को मासिक भत्ता देने का प्रावधान करने की अपील की। साय ने लिखा कि सीएम आपने 10 लाख लोगों को 2,500 रु प्रति माह मासिक भत्ता देने की बात कही थी। आपसे अपील है कि बजट में इस बार रोजगार के लिए 9000 करोड़ रुपये देकर इन दिक्कतों का समाधान करें। साथ ही साय ने कहा कि 3 वर्ष पूरे हो चुके हैं मगर दुर्भाग्य की बात है कि 3 वर्ष के बजट में किसी भी वर्ष बेरोजगारी भत्ता देने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। साय ने लिखा है कि सरकार को अपने वादे के अनुरूप अब 3 वर्ष मासिक भत्ता प्रति युवा को 90 हजार रुपए का भुगतान करना है। 10 लाख उम्मीदवारों को प्रतिमाह ढाई हजार के अनुसार 3 हजार करोड़ रुपये सालाना होती है। 

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