आरोपी को ले जा रहे थे पुलिस वाले और दो की हो गई मौत, जानिए क्या है पूरा मामला

कोटा: टोंक के सदर थाना इलाके में शुक्रवार रात में कोटा पुलिस की गलती से एक महिला कॉन्स्टेबल और एक अन्य सिपाही की जान चली  गई. दरअसल कोटा पुलिस ने जिसके उपरांत आरोपी के परिजनों ने जयपुर में अपहरण की सूचना देकर नाकेबंदी करवा दी. टोंक जिले में कोटा के पुलिस वाले नाकाबंदी से बचकर फरार हो गए. जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों की गाड़ी का पीछा किया, लेकिन वह उन्हें पकड़ नहीं पाए और एक ट्रॉली से जा टकराए . हादसे में टोंक पुलिस की एक महिला कांस्टेबल और एक अन्य सिपाही की जान मौके पर ही चली गई और कोटा पुलिस का भी एक सिपाही घायल हो गया.

मिली जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश ने कहा है कि सदर थाना पुलिस के जवान क्षेत्र में पुलिस के ही वाहन में एक कार का पीछा कर रहे थे. इसी वजह से एक तेज रफ्तार ट्राले ने पुलिस की गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया. हादसे में पुलिस वाहन में सवार महिला पुलिस कांस्टेबल सुमन की  मौके पर ही मौत हो गई.

बिंटू चौधरी सहित सदर थाना पुलिस के दो कांस्टेबल को गम्भीर रूप से जख्मी होने पर अस्पताल भेजा गया है. लेकिन बिंटू चौधरी को भी नहीं बचाया जा सका और कैच समय बाद ही उसने दम तोड़ दिया. हम बता दें कि पुलिस की गाड़ी के साथ ही एक दूसरे वाहन को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें सवार लोगों को गंभी चोटें आई है. इस हादसे के बाद पुलिस के कई अधिकारी जांच में जुट गए है. जहां इस बात का पता चला है कि  कोटा पुलिस ने आरोपी को ले जाते वक़्त ना तो जयपुर पुलिस मुख्यालय और ना ही स्थानीय थाने में इस बात की कोई भी जानकारी दी. जिसके चलते इस तरह की स्थिति निर्मित हुई. अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि कोटा पुलिस ने किस वजह से स्थानीय पुलिस को सूचना नहीं दी थी.

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