सत्ता में नहीं हूं, मैं केवल सेवक होकर रहना चाहता हूँ: PM मोदी

नई दिल्ली: आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिये देश को संबोधित कर रहे हैं। अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर ज़ोर दिया कि “#AmritMahotsav कला, संस्कृति, गीतों और संगीत के रंगों से भरा होना चाहिए”। जी दरअसल उन्होंने कहा, 'आज़ादी का अमृत महोत्सव देश के लिए कुछ कर गुजरने की प्रेरणा देता है।' इसी के साथ उन्होंने कहा- 'मैं आज भी सत्ता में नहीं हूं, मैं कल भी सत्ता में नहीं जाना चाहता। मैं सिर्फ सेवक होकर रहना चाहता हूँ।'

वहीं आगे उन्होंने कहा, 'पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में एक जगह है पर्थ, जो क्रिकेट के लिए प्रसिद्ध है। वहां सेकरेड इंडिया गैलरी है। इसे ऑस्ट्रेलिया की निवासी जगततारिणी जी की कोशिशों का नतीजा है। उनका जन्म वहीं हुआ, लेकिन 13 साल वृंदावन में रहीं। उनका कहना है कि लौटने के बाद भी वे वृंदावन को भूल नहीं पाईं। इसलिए उन्होंने वहीं एक वृंदावन खड़ा कर दिया। यहां आने वाले लोगों को भारत के तीर्थ और संस्कृति देखने को मिलती है। एक कलाकृति ऐसी भी है, जिसमें भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा रखा है। उनकी कृष्ण भक्ति के लिए उन्हें बहुत बहुत बधाई देता हूं।'

इसी के साथ उन्होंने कहा- 'जब हम प्रकृति का संरक्षण करते हैं, तो प्रकृति भी हमें संरक्षण देती है। यह उदाहरण तमिलनाडु के तुतुगुड़ी का है। यहां कई इलाकों के समुद्र में डूबने का खतरा था। लोगों ने इसका इलाज प्रकृति से ही खोजा। लोगों ने उन पर खास तरह के पौधे लगाए, जो तूफान और पानी में भी बची रहती है। ऐसी ही कोशिशें दूसरी जगह भी हो रही हैं।' इस दौरान उन्होंने आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज कराने वाले राजेश कुमार से भी बात की।

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