तारीख तय नहीं, लेकिन मोदी कैबिनेट में नए चेहरों का शामिल होना तय

May 28 2016 12:22 PM
तारीख तय नहीं, लेकिन मोदी कैबिनेट में नए चेहरों का शामिल होना तय

नई दिल्ली : मौदी कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा लंबे समय से हो रही है, लेकिन अब जल्द ही इस पर अमल किया जाएगा। इस बात की पुष्टि खुद बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह ने की है। केंद्र सरकार के पिछले दो सालों का रिपोर्ट कार्ड बताते हुए शाह ने कहा कि सर्बानंद सोनोवाल के मुख्यमंत्री बनने से जो जगह खाली हुई है, उसे जल्द ही भरा जाएगा।

लेकिन फिलहाल इसके लिए कोई तिथि तय नहीं की गई है। कुछ नए चेहरों को शामिल किया जाएगा और उम्मीदों पर खरे न उतरने वाले मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिकाया जाएगा। सोनोवाल केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद ही असम के मुख्यमंत्री बनाए गए है।

शाह ने कहा कि पिछले दो साल में मजबूत बुनियाद रखी गई है और अगले तीन साल में बुलंद इमारत खड़ी की जाएगी। उन्होंने कहा कि मैं आश्वस्त हूं कि 2019 के लोकसभा चुनाव में जब हम फिर से लोगों के पास जाएंगे, हम अपने वादे पूरे कर चुके होंगे।

राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को मिली करारी हार का कारण जेएनयू विवाद और रोहित वेमुला पर जनादेश को बताया। शाह द्वारा पूछे एक सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि भ्रष्टाचार का कोई आऱोप नहीं। हमने देश को एक निर्णायक सरकार दी है, जो फैसले लेती है।

मोदी सरकार ऐसे समय में सत्ता में आई है, जब घोटालों का बोलबाला था। विपक्ष ने हमारे लिए केवल खाली खजाना और पैरालिसिस पॉलिसी छोड़ी थी। नौकरशाही 'खिन्न' थी और लोगों में मायूसी छाई थी। भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि सत्ता में आने के दो साल के अंदर मोदी सरकार ने इन सभी क्षेत्रों में आशा का संचार किया है।

विपक्ष ने ऐसे हालात बना दिए थे कि देश का विकास रुक सा गया था। एनईईटी अध्यादेश पर बोलते हुए साह ने कहा कि इसके तहत राज्यों को मेडिकल प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का मौका मिलेगा। महंगाई पर अपनी राय देते हुए शाह ने कहा कि महंगाई एक हद तक काबू में है, जब कि विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ रहा है। कई सालों से लंबित पड़ा वन रैंक वन पेशन का मामला भी उन्हीं की सरकार के कार्यकाल में हल किया गया।