मैंने चाय बेचते-बेचते हिंदी सीखी : PM मोदी

Sep 10 2015 12:18 PM
मैंने चाय बेचते-बेचते हिंदी सीखी : PM मोदी

भोपाल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भोपाल में आयोजित किए गए 10 वें विश्व हिंदी सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे. इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनका स्वागत किया. नरेंद्र मोदी ने लोगो को संबोधित करते हुए कहा कि भोपाल की धरती पर हिन्दी के महाकुंभ के दर्शन का हमें अवसर मिला है. मोदी ने अपनी स्पीच में हिंदी को बचाने की बात कही. मोदी के अनुसार भाषा के लुप्त होने से संकट पैदा हो जाता है. ऐसे में हमारी विरासत बचाने का दायित्व हर पीढ़ी है. मोदी ने कहा कि दुनिया किसी भी विलुप होते जीव को बचाने के लिए अरबो रूपये खर्च कर देती है. क्यों कि जीवो का महत्व है, ऐसे ही भाषा का भी बड़ा महत्व है, इसलिए हमें अपनी भाषा को ताकतवर बनाना होगा.

मोदी ने कहा कि मेरी भाषा हिन्दी नहीं, लेकिन मैं सोचता हूं अगर मुझे हिन्दी बोलना न आता, तो मैं लोगों तक कैसे पहुंचता. इसके अलावा मोदी ने भाषा के महत्व को बताते हुए कहा कि जैसे जीवन में चेतना होती है, उसी प्रकार भाषा में भी चेतना होती है. भाषा चैतन्य होती है और उस चेतना की अनुभूति आवश्यक होती है. भाषा के रूप में हर राज्य के पास अनमोल खजाना है. इसे जोड़ने के लिए हिन्दी सूत्रधार का काम करे. हमें पर्यटन पूर्वक हिंदुस्तान की सभी बोलियाँ, भाषाएँ जिसमे जो उत्तम चीज़ें हैं, उनको हमें समय समय पर हिंदी की समृद्धि के लिए उसका हिस्सा बनाने का प्रयास करना चाहिए.

चाय बेचते-बेचते सीखी हिंदी

मोदी ने कहा कि मैं गुजराती हूँ लेकिन मुझे हिंदी बोलते देख लोग पूछते है कि आप इतनी अच्छी हिंदी कैसे बोल लेते है. हम जानते हैं हमारे गुजराती लोग हिंदी कैसी बोलते हैं, तो लोग मज़ाक भी उड़ाते हैं. मैं बता दूँ कि मैंने हिंदी चाय बेचते-बेचते सीखी है. मोदी ने किस्सा सुनते हुए कहा कि हमारे गुजरात में लोग बातचीत तो गुजराती में करते है, लेकिन जब लड़ाई झगड़ा होता है तो हिंदी में झगड़ा करते है. इससे उन्हें ताकतवर होने का अहसास होता है.

दुनिया बोलती है हिंदी

मोदी ने कहा कि आज सारा विश्व हिंदी बोल रहा है. आने वाले दिनों में हिंदी भाषा का महत्व बढ़ता जा रहा है. हमारी फिल्म इंडस्ट्री ने विदेश में हिन्दी को पहुंचाने का बहुत बड़ा काम किया है. मध्य एशिया में हिंदी में गाने गए जाते है. चीन में लोग हिंदी में बात करते है. रूस में कई लोग हिंदी बोलते है. उज्बेकिस्तान में हिंदी में शब्दकोष बना हुआ है. आज दुनिया में मैं जहां भी जाता हूं वहां लोग 'सबका साथ- सबका विकास' बोलने की कोशिश करते हैं. बराक ओबामा भी मुझे हिंदी में 'सबका साथ- सबका विकास' बोलते है. मोदी ने किस्सा सुनते हुए कहा मेने इजराइल के प्रधानमंत्री को उनके त्यौहार के लिए हिंदी में बधाई दी तो उन्होंने मुझे हिंदी में धन्यवाद दिया. इस वक़्त दुनिया में 6000 भाषा बोली जाती है, लेकिन 21वीं सदी के अंत में 90% भाषा लुप्त हो जाएगी. ऐसे में हमें हिंदी को बचाने के लिए आगे आना होगा, वरना हमारी बाद की पीढ़ी के लिए हिंदी इतिहास बन जाएगी.

मोदी ने कहा कि आने वाले दिनों में डिजिटल वर्ल्ड में तीन भाषाओं का दबदबा रहने वाला है : अंग्रेजी, चाइनीज और हिन्दी. इसलिए हमें पशु पक्षियों की तरह हिंदी को भी बचाना होगा. मोदी के अनुसार भाषा एक दिन बड़ा बाजार बनेगी. मोदी ने बताया कि हमारे साहित्यकार अाने वाली पीढ़ी के लिए किताबो में ज्ञान का भंडार छोड़ गए है, लेकिन अगर हिंदी ही नहीं बचेगी तो उन किताबो का मतलब.