कश्मीर के विकास के लिए मोदी ने की 80 हजार करोड़ के पैकेज की घोषणा

श्रीनगर​ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जम्मू-कश्मीर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम पहुंचे। जहां उन्होंने कश्मीरवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि कश्मीर में खुशहाली लौटेगी। इसके लिए वे कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि सबका साथ सबका विकास हमारा मूल मंत्र है। यदि हिंदुस्तान का कोई कोना विकास से वंचित रहे तो मेरा सपना पूरा नहीं होता है। हिंदुस्तान का हर भू भाग हिंदुस्तान का हर जन जन मेरे लिए अहम है। हर कोने का विकास चाहिए। इस सपने को पूरा करना है। मुझे भी जम्मू-कश्मीर में वे दिन लौटाकर लाने है। 

जहां इंसान जम्मू-कश्मीर में आने के लिए लालायित रहता है। उन्होंने कहा कि कश्मीर मेरे लिए बहुत अहम है। अपने जीवन के प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मां ने मेरे जन्मदिन पर मुझे 5 हजार रूपए दिए थे। संकट कितने भी गहरे क्यों न हो मगर जीने का जज्बा जीने का उत्साह पैदा कर देता है। बाढ़ के चलते मैंने अपना जन्मदिन नहीं मनाया। गुजरात भूकंप का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने गुजरात को भूकंप के बाद उबारने की ठान ली थी। विश्व बैंक ने भी कहा था कि गुजरात को भूकंप की भयावहता से निकालने में 7 साल से कम समय नहीं लगता लेकिन 3 साल में ही विकास की उंचाईयां गुजरात छूने लगा।

उन्होंने कहा कि कश्मीर ने बहुत कुछ झेला है। इन सभी बातों को जानते हुए वे इस विश्वास को लेकर निकले हैं कि फिर वही जज़्बा वे जगाना चाहते हैं। केवल सपने देखते हैं ऐसा ही नहीं है सपनों को साकार करने के लिए एक के बाद एक कदम उठाता हूं। उन्होंने कहा कि वे जन-जन का विकास चाहते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि मेरा कश्मीर फिर आगे बढ़ेगा। दुनिया में भारत के विकास को सामने रखते हुए उन्होंने कहा कि विश्व में भारत की हर कहीं सराहना हो रही है। चीन से भारत को आगे माना जा रहा है। भ्रष्टाचार मिटाने में भारत चीन से आगे हो गया है। जो फैसला हिंदुस्तान एक बार करता है वह करके दिखाता है।

मुख्यमंत्री मुफ्ती की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि मुफ्ती पर उन्हें भरोसा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नक्शे कदम पर हमें चलना है। कश्मीर के लिए किसी की सलाह की जरूरत नहीं है। उन्होंने तीन मंत्र दिए थे। कश्मीरियत, जम्हूरियत, इंसानियत।

इन तीन बातों पर कश्मीर का विकास निर्भर है। क्या कभी किसी ने सोचा था कि कश्मीर में लोकतंत्र को इतना समर्थन मिलेगा लेकिन आज जम्हूरियत को समर्थन मिला है। कश्मीरियों ने चुनाव में मतदान कर अच्छी सरकार चुनी। उन्होंने कहा कि कश्मीरीयत के बिना हिंदुस्तान अधूरा है।

सूफी परंपरा कश्मीर से ही आई थी। इस परंपरा ने जोड़ना, संबंध बनाना सिखाया। इंसानियत के बिना कुछ भी आगे बढ़ नहीं सकता। तकनीकी विकास भले ही हो जाए मगर इंसानियत महत्वपूर्ण है। हमारे भीतर की आत्मा जीने के लिए प्रेरणा देता है। कश्मीरियत, जम्हूरियत और इंसानियत तीन बातें कश्मीर के लिए अहम है। 

उन्होंने कहा कि विकास का खाका तैयार हुआ है। कश्मीर में जिन किसानों को और व्यापार को नुकसान हुआ साथ ही घरों को और अन्य व्यवस्थाओं का जो नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई करना और संकट से सभी को उबारना सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान केंद्र की ओर से राज्य सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने की बात कही है। 

उनका कहना है कि इस रास्ते में बहुत आगे जाना है। प्रधानमंत्री ने जम्मू - कश्मीर व लद्दाख के लोगों को रोजगार दिए जाने की बात कही। उनका कहना था कि कश्मीर के नौजवानों को रोजगार मिलना आवश्यक है। उन्होंने उल्लेख किया कि कश्मीर के युवा देश के शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश पाऐं और लोकसेवा परीक्षाओं में चयनित हों ऐसा प्रयास करना है।

उन्होंने रसूल की सराहना करते हुए कहा कि जिस राज्य के पास परवेज रसूल हो वह कैसे पीछे रह सकता है। क्रिकेट में उसने बड़ा नाम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर के लिए टूरिज्म को विकास के लिए प्रमुख बताया। उन्होंने कहा कि हमें अपना इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारना होगा। उन्होंने कहा कि यहां एडवेंचर टूरिज़म, ईको टूरिज़्म के लिए संभावनाऐं हैं। यहां नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन स्थापित किए जा सकते हैं। जिससे विकास को बल मिले। उन्होंने पश्मीना, सेव, केसर को विशेष महत्व देने की बात की मगर इसके लिए ग्लोबल मार्केट तलाशने पर भी उन्होंने बल दिया। कृषि क्षेत्र को लेकर उन्होंने कहा कि इसमें विकास करें। अधोसंरचनात्मक विकास पर ध्यान दें।

उन्होंने घोषणा की कि जम्मू - श्रीनगर मार्ग के लिए 34 हजार करोड़ रूपए का निवेश किया जा रहा है। जिससे 12 घंटे का रास्ता 3 घंटे की दूरी में सिमट जाएगा। हाईवे के अलावा कश्मीर में अन्य तरह के ट्रांसपोर्टेशन पर उन्होंने बल दिया। उन्होंने लोगों को सस्ती और उत्तम शिक्षा दिए जाने की बात कही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्कील डेवलपमेंट पर ध्यान दिए जाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि हैंडिक्राफ्ट निर्माण में स्पीड, ब्रांडिंग, ग्लोबल मार्केट हायर करने, उसमें और अच्छा करने की सलाह भी हथकरघा कलाकारों को दी।

भारत सरकार की ओर से उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लिए 80 हजार करोड़ रूपए के पैकेज लिए जाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि कश्मीर के नौजवान के भाग्य को बदलने के काम में यह 80 हजार करोड़ रूपया लगाया जाना चाहिए। यह केवल शुरूआत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दिल्ली का खजाना उनके लिए है और दिल भी उनके लिए ही है।

उन्होंने जम्मू, कश्मीर, लद्दाख के विकास को लेकर कहा कि हर किसी की आवश्यकता के अनुसार विकास को आगे बढ़ाने की चर्चा राज्य के मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद से की गई। जिस तरह के विकास की आवश्यकता इन क्षेत्रों में होगी वैसा विकास कार्य किया जाएगा। उन्होंने नए कश्मीर को बसाए जाने की बात कही।

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