विकास के लिए राज्यों को मिलेगा खजाने से 65 प्रतिशत धन

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा नेतृत्व की एनडीए सरकार के केंद्र में दो वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित समारोह में उपस्थितों को संबोधित किया. प्रधानमंत्री ने सहारनपुर में एक रैली में कहा कि मैं उत्तरप्रदेश वाला हूं. उत्तरप्रदेश का सांसद हूं. उत्तरप्रदेश का सांसद होने के कारण मेरा स्वाभाविक मन करता है कि आप सबके आशीर्वाद को प्राप्त करने का. इस उमंग और उत्साह के साथ उमड़ा हुआ जनसैलाब देख रहा हूॅं. उन्होंने खचाखच भरी रैली में लोगों के पहुंचने पर धन्यवाद ज्ञापित किया. इस दौरान सभागार मोदी-मोदी की गूंज से गूंज उठा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लगभग इसी समय दो साल पहले राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में हम शपथ ले रहे थे। उसी समय में आज मैं देशवासियों को अपने कामकाज का हिसाब देने के लिए आया था. उन्होंने कहा कि वे एक प्रधान सेवक के रूप में सवा सौ करोड़ देशवासियों की सेवा करने का निरंतर प्रयास करते रहे हैं. उनका कहना था कि सरकारें आती हैं जाती हैं. मगर सरकार बनती है जनसामान्य के सपनों को पूर्ण करने के लिए. उनका कहना था कि जैसे दो वर्ष में देश ने भलीभांति उनके काम को देखा।

हमारे काम को परखा. जब संसद में एनडीए के सांसदों ने मुझे नेता के रूप में चुना था. मैंने भाषण दिया था. पहले भाषण में मैंने कहा था कि मेरी सरकार इस देश को समर्पित है. यदि हमारे कार्यकाल को देखा जाए तो हमने एक के बाद एक उन कामों को किया है जो कि गरीबों को गरीबी के खिलाफ लड़ाई लडने की शक्ति देते हैं. कोई भी माता पिता यह नहीं चाहता कि उसकी संतानों को विरासत में गरीबी मिले. माता पिता तो यही चाहते हैं कि उनकी संतान ऐसी जिंदगी जीने के लिए मजबूर न हो जो उन्हें जीनी पड़ी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब आजादी के 70 वर्ष हो जाऐंगे. उन्होंने कहा कि उनका प्रयास था कि राज्यों को शक्तिसंपन्न बनाए. जनता जनार्दन के लिए राज्य सरकारें काम करे. उनका कहना था कि दिल्ली सरकार के पास जो खजाना होता था उसका 35 प्रतिशत धन दिल्ली की सरकार के पास था और 35 प्रतिशत धन राज्यों की सरकार के पास था. मगर राज्यों की अपनी परेशानी थी वह मैं जानता था. जिसके कारण मैंने निर्णय लिया कि 65 प्रतिशत धन राज्यों के पास रहेगा. उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर नगर पालिका, पंचायत, ग्राम पंचायतों को भी अधिकतम धन पहुंचाने का कार्य सरकार ने किया है।

गांव में भारत सरकार की ओर से प्रति वर्ष बड़े पैमाने पर राशि पहुंच रही है. इस राशि से गांव का विकास हो इसलिए यह राशि दी जा रही है. गांव में बिजली हो, अच्छा स्कूल हो, अच्छा अस्पताल हो, गांव में पानी हो. जिससे देश के गरीब के जीवन में बदलाव आए ऐसा प्रयास किया है. देश बदल रहा है लेकिन कुछ लोगों का दिमाग नहीं बदल रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक समय था जब गन्ना किसान का 14 हजार करोड़ रूपए बकाया था. किसी को गन्ना किसान की चिंता नहीं थी।

मगर इस वर्ग के किसान को ताकत मिले इसके लिए मौजूदा केंद्र सरकार ने योजना तैयार की जिससे किसानों को लाभ मिला. हमने प्रयास किया कि उनके भुगतान के लिए गन्ना किसानों को समय पर राशि मिले. आज पुराने भुगतान का कार्य गन्ना किसानों के लिए हो सका है. शुगर मिलों को चेतावनी देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेतावनी दी और कहा कि इतने वर्ष किसानों के साथ आपने जो किया है वह आपको नहीं करने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि गन्ने से इथेनॉल बनाने का अभियान भी केंद्र सरकार ने चलाया. गन्ना किसान को किसी तरह की मुश्किल न हो ऐसी नीति दिल्ली की सरकार ने तैयार की. उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि हमारी योजना है कि 2022 में केंद्र सरकार ऐसी नीतियों को आगे बढ़ाएगी जिससे किसान की आय दोगुनी हो जाए।

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