देश से मांगे 50 दिन और छलक पड़े मोदी के आंसू

पणजी : देश को भ्रष्टाचार तथा कालाधन से मुक्त कराने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार फिर अपना संकल्प दोहराया है और इस हेतु मोदी ने देशवासियों से पचास दिन मांगे। लेकिन इस बात को कहते-कहते ही मोदी के आंसू छलक गये। वे भावुक हो गये और कहा कि वे देश के लिये पैदा हुए एवं देश के लिये ही मरने के लिये तैयार है। गोवा के पणजी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शुभारंभ करने हेतु आए मोदी ने बेनामी संपत्ति एकत्र करने वालों पर जमकर प्रहार करते हुये अपने इरादे स्पष्ट कर दिये।

भ्रष्टाचारियों को समझ लेना होगा

मोदी ने कहा कि वे ईमानदार लोगों के साथ हूं, लेकिन भ्रष्टाचारियों को यह समझ लेना चाहिये कि उनका पंगा मोदी से हुआ है। वे अभी तक यह समझ रहे होंगे कि राजनीति गोटी फीट कर किसी न किसी तरह का रास्ता निकाल लेंगे, परंतु यह उनकी भूल होगी। मोदी ने यह भी कहा कि ईमानदार लोग उनके फैसले से खुश है और उनका साथ दे रहे है। वे बोले कि 30 उन्हें 30 दिसंबर तक लोगों का साथ चाहिये, यदि इसके बाद उनकी कोई गलती हो तो उन्हें जो सजा दी जायेगी, वह उन्हें मंजूर होगी।

मुझे जिंदा जला सकते है, मैं डरता नहीं

प्रधानमंत्री अपने भाषण में दबंग होते नजर आये। उन्होंने कहा कि वे यह अच्छी तरह से जानते है कि उन्होंने किस तरह के लोगों पर हाथ डाला है। वे यह भी जानते है कि उनकी जान को खतरा उत्पन्न होने लगा है, मुझे जिंदा भी जलाया जा सकता है, परंतु वे किसी से डरने वाले नहीं है। जिस लक्ष्य को पूरा करने का संकल्प उन्होंने लिया है, उसे वे हर हाल में करके ही रहेंगे।

मेरे दिमाग में और भी योजनाएं

मोदी ने कहा कि अभी उन्होंने पांच और एक हजार रूपये के ही नोट चलन से बंद किये है। उनके दिमाग में और भी योजनाएं चल रही है, जिसे समय आने पर वे अवश्य ही अंजाम देंगे। ये सभी योजनाएं देश को भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिये ही होगी। हालांकि मोदी ने यह खुलासा नहीं किया है कि वे आगे क्या करने वाले है, लेकिन उनका ईशारा उन लोगों की तरफ था, जो भ्रष्टाचार के दलदल में फंसे हुये है।

कतार में लगे है घोटालेबाज

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन राजनेताओं पर भी हमला बोला, जो किसी न किसी घोटाले में फंसे हुये है। उनका संकेत राहुल गांधी की तरफ भी रहा। उन्होंने कहा कि जो लोग बड़े-बड़े घोटाले में फंसे हुये है, वे चार हजार रूपये निकालने के लिये बैंकों के एटीएम में लोगों की कतार में लगे हुये दिखाई दे रहे है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि मैं उन्हें छोड़ दूंगा।

देश के लिये मैंने सब कुछ छोड़ा

मोदी ने भावुक होते हुये कहा कि वे देश के लिये अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देंगे। न तो उन्हें कुर्सी की चाह है और न ही वे बेईमानी करते हे। देश के लिये उन्होंने घर परिवार सब कुछ छोड़ दिया है। कुर्सी के लिये वे पैदा नहीं हुए है, देश के लिये उन्हें काम करना है। 

70 सालों की बुराई 17 माह में दूर

उनका कहना था कि देश 70 सालों से बुराई की चपेट में है। बेईमानी से कमाने वाले, किसी की चिंता नहीं कर रहे है, व्यापारियों ने कभी बिल देना उचित नहीं समझा, परंतु हमारी सख्ती के बाद अब सब लाईन में आ गये है। 70 सालों की बुराई को वे 17 माह में दूर कर देंगे।

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