'सरकारी फंड नहीं है PM केयर्स फंड...', केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में किया स्पष्ट

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट को सूचित किया है कि पीएम केयर्स फंड एक सरकारी फंड नहीं है, क्योंकि इसके द्वारा जुटाई गई राशि भारत के समेकित कोष में नहीं जाती है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में एक सचिव के तहत दाखिल किए गए एक हलफनामे में कहा गया है कि ट्रस्ट के कामकाज में किसी भी प्रकार से केंद्र सरकार या किसी राज्य सरकार का कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नियंत्रण नहीं है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने आगे कहा कि पीएम-केयर्स फंड में व्यक्तियों संस्थानों द्वारा किए गए स्वैच्छिक दान शामिल हैं, यह किसी भी प्रकार से केंद्र सरकार के व्यवसाय या कार्य का हिस्सा नहीं है। इसके साथ ही, यह किसी भी सरकारी योजना या व्यवसाय का हिस्सा नहीं है। केंद्र सरकार एक सार्वजनिक ट्रस्ट होने के नाते, यह भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक (CAG) के ऑडिट के अधीन भी नहीं है।

केंद्र द्वारा किए गए प्रस्तुतीकरण के मुताबिक, पीएम-केयर्स फंड RTI अधिनियम की धारा 2 (एच) के दायरे में एक सार्वजनिक प्राधिकरण नहीं है, ये साफ़ करता है कि कोई भी सरकारी पैसा पीएम-केयर्स फंड में जमा नहीं किया जाता है, सिर्फ बिना शर्त पीएम-केयर्स फंड के तहत स्वैच्छिक योगदान स्वीकार किए जाते हैं।

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