मजदूरों को नहीं चाहिए सरकार की मदद, बस करने दे बॉर्डर पार

झज्जर लॉकडाउन के बीच मजदूरों ने अपना दर्द बयान करते हुए बताया कि हम बहुत परेशान हो चुके हैं, हमने सरकार से हर तरह से गुजारिश करके देख ली. हमने घर जाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी कराया. लेकिन न तो हमारे लिए ट्रेन की व्यवस्था हुई और न बस की. हमने तय किया है कि अब हम पैदल ही अपने गांव चले जाएंगे. लेकिन यहां अब पुलिस हमें बार्डर पार नहीं करने दे रही है. दो दिन हो गए यहां के चक्कर काटते-काटते, लेकिन हम आगे नहीं जा पा रहे हैं. यह व्यथा है प्रवासी मजदूरों की.

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अपने बयान में उन्होंने कहा कि हमें सरकार से कोई मदद नहीं चाहिए. हम बस इतना चाहते हैं कि सरकार बार्डर पार करने दे. बाकी हम खुद किसी भी तरह से अपने घर चले जाएंगे. यह कहना था कि रोहतक से पैदल चलकर यहां पहुंचे संतोष कुमार और चमनलाल का. चमन लाल और संतोष को उत्तर प्रदेश के बलिया के पास अपने गांव जाना था.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि कोई साधन नहीं होने और पैदल चलकर आने की वजह से पुलिस ने उन्हें बहादुरगढ़ के टिकरी बार्डर पर रोक दिया. पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया. उन लोगों की बेबसी और परेशानी उनकी बातों में साफ झलक रही थी.

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