मद्रास हाईकोर्ट में याचिका- लिव इन में रह रही महिला ने मांगा पेंशन का अधिकार

Jun 10 2021 11:25 AM
मद्रास हाईकोर्ट में याचिका- लिव इन में रह रही महिला ने मांगा पेंशन का अधिकार

चेन्नई: मद्रास उच्च न्यायालय में एक अलग तरह का मामला प्रकाश में आया है, जिसे सुनकर सभी हैरान है. यहां एक महिला ने याचिका दाखिल की है, जिसमें उसने लिव-इन में रह रहे शख्स की मृत्यु के बाद उसके रिटायरमेंट और पेंशन संबंधी लाभों का अधिकार मांगा है. वहीं मद्रास उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने फैसले के लिए मामले को वृहद पीठ भेज दिया है.

दरअसल, तमिलनाडु के कुंभकोणम में तमिलनाडु विद्युत उत्पादन और वितरण निगम (तैनजेडको) में कार्य करने वाले एस कलियापेरुमल की पत्नी सुशीला को कैंसर था, जिस कारण उन्होंने अपनी बहन मलारकोडि को अपने पति से शादी करने की अनुमति दे दी थी. इसके अलावा वह तीनों अपने तीन बेटे और तीन बेटियों के साथ ही रह रहे थे. सुशीला से शादी के बाद कलियापेरुमल ने सुशीला को ही आधिकारिक दस्तावेज़ में अपना नॉमिनी घोषित किया था. वहीं पत्नी सुशीला के मरने के बाद उसने अपने बच्चों की सहमती से मलारकोडि को अपना नॉमिनी घोषित करने के लिए अर्जी दी थी. वहीं दस्तावेज़ में सुधार होने से पहले ही कलियापेरुमल की मौत हो जाने से तैनजेडको ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है. वहीं मलारकोडि ने पेंशन संबंधी फायदों के लिए रिट दायर की है.

फिलहाल मामले कि सुनवाई कर रहे जस्टिस एस वैद्यनाथन ने अंतिम फैसला सुनाने के लिए मामले को वृहद पीठ के पास भेज दिया है. इसके साथ ही अब उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश के सामने मामले की सुनवाई होगी और पीठ का गठन किया जाएगा.

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