मुशर्रफ की बढ़ी मुश्किलें, पाकिस्तान छोड़ने की अनुमति नहीं

Feb 27 2016 11:08 AM
मुशर्रफ की बढ़ी मुश्किलें, पाकिस्तान छोड़ने की अनुमति नहीं

इस्लामाबाद : पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ की परेशानियां बढ़ती ही जा रही हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने राजद्रोह के मसले पर उनके विरूद्ध सुनवाई पूर्ण करने का निर्णय लिया है। इस तरह का निर्णय मिलने तक पाकिस्तान से बाहर जाने की अनुमति को मुशर्रफ हेतु प्रतिबंधित कर दिया गया है। दरअसल वर्ष 2007 में सैन्य शासक के तौर पर परवेज मुशर्रफ ने आपातकाल लगाने की परिस्थितियां निर्मित की थीं और आपातकाल के लिए जोर दिया था। 72 वर्ष के पूर्व सैन्य प्रमुख के विरूद्ध इस तरह का आदेश दिया गया है और कहा गया कि मुशर्रफ के दोषी सिद्ध होने पर उन्हें मृत्युदंड तक दिया जा सकता है।

वरिष्ठ न्यायालय ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश अब्दुल हमीद डोंगर की याचिका पर सुनवाई की। इस मामले में डोंगर ने आदेश दिया और डोंगर ने स्वयं को आरोपी बनाए जाने को चुनौती थी दी थी। परवेज मुशर्रफ के विरूद्ध तीन सदस्यीय विशेष न्यायालय ने 27 नवंबर 2015 को संघीय जांच एजेंसी को जांच के आदेश दिए। पूर्व प्रधानमंत्री शौकत अजीज, पूर्व मंत्री जाहिद हमीद और डोंगर को परवेज मुशर्रफ के ही साथ आरोपी बनाते हुए उनकी भूमिका जांचने के लिए कहा।

डोंगर द्वारा विशेष न्यायालय के निर्णय को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दे दी गई। 12 दिसंबर वर्ष 2015 को उनकी याचिका खारिज कर दी गई। जिसके बाद मुशर्रफ सर्वोच्च न्यायालय पहुंचे थे। अप्रैल वर्ष 2014 में मुशर्रफ को राजद्रोह के मामले में आरोपी बना दिया गया। जिसके बाद कई कारणों से मामला आगे नहीं बढ़ सका। प्रमुख न्यायालय के निर्णय के बाद इस मामले में तेजी आने की संभावना भी जताई गई।

परवेज मुशर्रफ ने वर्ष 1999 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अपदस्थ कर दिया था। वे वर्ष 2008 तक सत्ता में भी रहे थे। हालांकि उन्होंने पहले विदेश जाने  लिए और अपना उपचार करवाने के लिए अनुमति मांगी थी। मगर अब न्यायालय ने उन्हें पाकिस्तान से बाहर जाने की अनुमति भी नहीं दी है।