संसदीय क्षेत्र में हुआ राहुल बाबा का विरोध

Feb 20 2016 04:50 PM
संसदीय क्षेत्र में हुआ राहुल बाबा का विरोध

अमेठी : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी पहुंचे। जहां उन्हें विरोध प्रदर्शन का सामना भी करना पड़ा। भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए। यही नहीं राहुल पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया गया। इसके अलावा खबर आई है कि सुभाषचंद्र यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष मंगेश जयसिंह को कांग्रेसियों ने पीट दिया। मंगेश दौड़ लगा रहे थे और कार्यकर्ता मारपीट पर आमादा थे।

स्थिति यह थी पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी थीं। यही नहीं राहुल से मिलने के लिए वाल्मिकी समाज के लोगों में धक्का-मुक्की भी हुई। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। जिसे लेकर राहुल भड़क गए। दरअसल राहुल रायबरेली के सलोन के ग्राम ममनी पहुंचे थे। जहां पर एमएलसी चुनाव के चलते उन्हें माईक से बोलने और मंच से राजनीतिक कार्यक्रम करने को कहा गया यही नहीं उन्हें रैली करने की भी मनाही थी लेकिन इसके बाद भी उन्होंने रैली की।

इस दौरान जब उनके मंच पर माईक नहीं रखा गया तो वे भड़क गए और उन्होंने कहा कि वे जहां भी जाते हैं, उनकी आवाज़ को दबा दिया जाता है। अब पुलिस ने माईक ही बंद कर दिया है। इस मामले में क्षेत्र के एसडीएम सलोन, देवेंद्र प्रताप मिश्रा ने कहा कि एमएलसी चुनाव को लेकर राहुल गांधी को केवल सलोन की सभी करने की अनुमति थी। अधिकारी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को नोटिस भेजे जाने की बात भी कही है।

उल्लेखनीय है कि राहुल ने रायबरेली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के मामले को लेकर कहा था कि उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वे देशद्रोहियों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि उनके रक्त की हर बूंद में देशभक्ति है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की निंदा करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में हर कोई पिसा रहा है। महंगाई को लेकर उन्होंने कई तरह के सवाल भी किए। राहुल बाबा ने इसके पूर्व लखनऊ में दलित काॅन्क्लेव में भाग लिया था। यह कार्यक्रम कांग्रेस ने आॅर्गनाईज़ किया था।

सांसद राहुल ने यह भी कहा कि जो भी सच्चा कांग्रेसी होता है उसके दिल में गरीबों का दुख भी होता है। उनका कहना था कि यदि वे गरीबों के घर जाते हैं तो आरएसएस वाले सवाल पूछते हैं और मेरे प्रयासों को ढोंग बताते हैं। उल्लेखनीय है कि उत्तरप्रदेश में वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव होने हैं ऐसे में हर पार्टी अपनी-अपनी तैयारियों में लगी है।