कभी खाने के लिए नहीं थे पेटीएम के सीईओ के पास पैसे, आज बन चुके हैं प्रभावशाली भारतीय

May 28 2020 04:39 PM
कभी खाने के लिए नहीं थे पेटीएम के सीईओ के पास पैसे, आज बन चुके हैं प्रभावशाली भारतीय

पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा को फेम इंडिया मैगजीन और एशिया पोस्‍ट के '50 प्रभावशाली व्यक्ति 2020' के सर्वे की लिस्ट में 45वें स्थान पर देखा जा रहा है. उन्होंने नोटबंदी के बाद डिजिटल युग की ओर तेजी से चढ़ाई की और इसी क्रम में भारत में पेटीएम एक बड़ी भूमिका निभा रहा है. पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर वित्त वर्ष 2019-20 के लिए तीन करोड़ रुपये तक वेतन ले रहे हैं. जी दरअसल उन्होंने नियामक को दी जानकारी में इसका जिक्र किया गया. बीते समय में उन्होंने बताया है कि सैलरी के अलावा वाहन, मकान का किराया, फ्यूल और यात्रा भत्ता अलग से मिलेगा.

इस तरह उनकी एक दिन की सैलरी 82191 रुपये तक है. इसी के साथ अन्य खर्चे जोड़े जाएं तो एक दिन में उनकी सैलरी लाखों में पहुंचती है. आप सभी को हम यह भी बता दें कि विजय शेखर शर्मा को साल 2019 में देश का 56वां रिचेस्ट घोषित किया गया है. जी हाँ और उन्हें साल 2019 में फोर्ब्स ने ये खिताब दिया है. उनके पास कुल 2.35 अरब की संपत्ति है. वैसे विजय शेखर शर्मा ने बहुत कम उम्र में भारत में पेटीएम जैसा उद्यम बाजार में उतारा और वो सफल हुआ, उनकी सफलता को देखने वाले हर व्यक्ति को हैरानी हुई क्योंकि उनकी उम्र कम है. वहीं दिल्ली के एक इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ाई करने वाले विजय शेखर मूलत: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के रहने वाले हैं.

वो एक निम्न मध्यम वर्गीय परिवार से हैं. आप सभी नहीं जानते होंगे कि उन्होंने एक समय ऐसा भी देखा है जब उनके पास खाना खरीदने के लिए भी पैसे नहीं थे. जी दरअसल उस समय खाने के लिए बहाने बनाकर वो दोस्तों के पास पहुंच जाते थे. वहीं आज उन्होंने पूरी दृढ़ता आत्मविश्वास और अपनी मेहनत के बलबूते पर एक लाख करोड़ रुपये की पेटीएम जैसी कंपनी खड़ी की है.

आज के समय में डिजिटल इंडिया की दिशा में मोबाइल वॉलेट क्रांति लाने में उनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है. वहीं विजय शेखर के बारे में कहा जाता है कि वे कठिन से कठिन समय में भी एक जैसे ही रहते हैं. वैसे यही कारण है कि आज वह एक प्रभावशाली भारतीय बने हैं.

आदिवासियों को उद्यमी बनाने का जज्बा लेकर काम कर रहे हैं प्रवीर कृष्ण

फेम इंडिया मैगजीन ने जारी की '50 प्रभावशाली भारतीय 2020' की सूची, पहले स्थान पर है PM मोदी

ईमानदारी और मेहनत से प्रभावशाली भारतीय बने रक्षा सचिव डॉ.अजय कुमार