मरीजों के साथ अपने बच्चे जैसा बर्ताव करें : डाॅ जगदीश प्रसाद

Sep 20 2015 05:10 PM
मरीजों के साथ अपने बच्चे जैसा बर्ताव करें : डाॅ जगदीश प्रसाद

नई दिल्ली: चिकित्सा महानिदेशक, भारत सरकार डाॅ जगदीश प्रसाद ने देश के डाॅक्टरों को सलाह दी है कि वे मरीजों के साथ अपना रवैया बदलें और उनके साथ बिल्कुल अपने बच्चे जैसा बर्ताव करें, तभी मरीजों व डाॅक्टरों के बीच आपसी तालमेल व विश्वास बढि़या हो सकता है। अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों का डाॅक्टरों के प्रति विश्वास कम हो रहा है। इसी कारण कानूनी मामले बढ़ रहे हैं। जरा-जरा सी बात पर मरीज डाॅक्टरों को अदालतों में घसीट रहे हैं।

डाॅ. प्रसाद इंडिया हैबिटेट सेंटर में चिकित्सा क्षेत्र के कानूनी मामलों पर इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिसिन एंड लाॅ की ओर से स्वेत पत्र जारी करने के लिए आयोजित एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में महानिदेशक ने कहा कि डाॅक्टर्स अपने रवैये में बदलाव करके चिकित्सा क्षेत्र को कानूनी पचड़ों में फंसाने से रोकने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने डाॅक्टरों को सलाह दी कि अगर मरीजों का इलाज करते समय उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत हो तो अपने वरिष्ठ डाॅक्टरों से सलाह लेकर कार्य करें ताकि मरीजों का समुचित तरीके के इलाज हो सके और उन्हें कोई दिक्कत न हो।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा का संदेश समारोह में पढ़ा गया, जिसमें उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र के कानूनी मसलों को सुलझाने के लिए डाॅक्टरों, सरकार और सभी संबंधित संस्थाओं को एक मंच पर आना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न मुददों पर सरकार ने भी अपना मत सामने रखने का प्रयास किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सम्मेलन से मिलने वाली सिफारिशों से स्वास्थ्य क्षेत्र से सम्बन्धित कानूनी विवादों का निपटारा करने मे मदद मिलेगी।

संस्थान के निदेशक महेन्द्र कुमार बाजपेई ने बताया कि चिकित्सा कानून डाॅक्टरों की मदद करने के बजाय उन्हें कानूनी मामलों में उलझा रहे हैं, इसलिए उनकी संस्था डाॅक्टरों, अस्पतालों और अघिवक्ताओं को एक प्लेटफार्म पर लाकर कानूनी मसलों को सुलझाने का प्रयास करती हैं। कार्यक्रम में इस बात पर भी सहमति जताई गई कि चिकित्सा क्षेत्र के लिए बने कानून डाक्टरों और मरीजों के बीच कानूनी मसलों को सुलझाने के बजाय उनके बीच और दूरी बढा रहे हैं जिसमें बदलावों की जरूरत है। यही कारण है कि इन कानूनों का फायदा न ही डाक्टरों को मिल रहा है और न मरीजों को।
                            
फोटो : भारत सरकार के चिकित्सा महानिदेशक डाॅ जगदीश प्रसाद नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में चिकित्सा क्षेत्र के कानूनी मामलों पर इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिसिन एंड लाॅ की ओर से स्वेत पत्र जारी करने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए।