गुजरात हाईकोर्ट ने पुलिस की हिंसा पर लगाई फटकार

Aug 27 2015 09:01 PM
गुजरात हाईकोर्ट ने पुलिस की हिंसा पर लगाई फटकार

अहमदाबाद. गुजरात में हुए पटेलों के हिंसक आंदोलन के दौरान हिंसक भीड़ ने निजी संपत्ति के अलावा पुलिस चौकी को भी निशाना बनाया था. तथा इसके लिए पुलिस की ओर से की गई बर्बरतापूर्ण कार्यवाही को भी काफी गंभीरता से लिया है. तथा इसके लिए हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्नर से इस पर दो सप्ताह में अपनी रिपोर्ट पेश करने की बात कही है. क्योँकि पुलिस ने सोला में इस दौरान निजी संपत्ति को काफी क्षति पहुंचाई है.

जस्टिस जेबी पारदीवाला ने वकील विराट पोपटलाल की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा की पुलिस इस प्रकार बर्बरतापूर्ण कार्यवाही से संवेदनशील स्थिति से नही निपट सकती है. जो की काफी गंभीर बात है. पुलिस ने पोपटलाल के रहवासी क्षेत्रो में खड़ी कारों को क्षति पहुंचाई थी. दंगों के दौरान सोला में पोपटलाल की प्रोपर्टी के अलावा उनके पड़ोसियों की निजी संपत्ति को पुलिस ने नुकसान पहुंचाया था. व कहा की ऎसे पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाना चाहिए. व इसमें लोगो की संपत्ति को जो नुकसान हुआ है उन्हें उसका मुआवजा मिलना चाहिए. 

कोर्ट ने कहा की मीडिया में प्रकाशित सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि पुलिस भी हिंसा में शामिल थी. कोर्ट ने कहा की दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही क्यों नही की गई व कोर्ट ने आस्था बंगलों में रहने वाले अन्य निवासियों के शपथ पत्र स्वीकार कर लिए. इनमें पुलिस की ओर से संपत्ति को पहुंचाए गए नुकसान के बारे में जानकारी दी गई है. इस पर जस्टिस परीवाला ने कहा की अगर पुलिस ऎसा करती है तो दंगाईयों और रक्षकों के बीच क्या अंतर है? तथा इससे आम जनता के बीच क्या संदेश जाएगा? कोर्ट ने कहा की इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है ताकि लोगों के बीच विश्वास पैदा किया जा सके.