US में प्रधानमंत्री के खिलाफ पटेल समुदाय चलाएगा अभियान

Sep 21 2015 02:53 PM
US में प्रधानमंत्री के खिलाफ पटेल समुदाय चलाएगा अभियान

न्यूयाॅर्क : एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशों में जाकर भारत के मेक इन इंडिया के प्रोजेक्ट की नींव रखने जा रहे हैं, वहीं गुजरात में पटेल आरक्षण की मांग करने वाले पटेल समुदाय द्वारा कैलिफोर्निया और न्यूयाॅर्क में विरोध किया जा रहा है। इस दौरान प्रदर्शनकारी बसों को अधिगृहित करने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरूद्ध सभी अपनी नाराजगी जाहिर करने में लगे हैं। विदेशों में रहने वाले पटेल समुदाय के लोग अपने समुदाय की आवाज उठाऐंगे और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करेंगे। माना जा रहा है कि यहां पटेल समुदाय विरोध कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कमियों को उजागर करेंगे। पटेल और पाटीदार आरक्षण को स्वीकार न किए जाने के चलते इस तरह का कदम उठा रहा हैं। इसके लिए पटेल समुदाय द्वारा विदेश में रहने वाले अपने सुदाय के लोगों की मदद ली जाएगी। 

पटेल समुदाय विदेशों में रहने वाले अपने समुदाय के लोगों चर्चा कर रहा है। यही नहीं उनसे सहायता भी ली जा रही है। फिलाडेल्फिया के निवासी तेजस बखिया ने कहा कि कैलिफोर्निया में प्रधानमंत्री मोदी का विरोध करने के लिए 20 हजार लोग और न्यूयाॅर्क पहुंचे। इस दौरान करीब 10000 लोगों के कैलिफोर्निया पहुंचने की संभावना है। नरेंद्र मोदी के विरूद्ध प्रदर्शन करने वालों की आवभगत करने के लिए वे और उनके सहयोगी तैयार हैं। 

भाजपा के मुख्य समर्थकों में शामिल पटेल समुदाय अपने लिए शासकीय सेवाओं में विभिन्न पदों पर आरक्षण की मांग कर रहा है, वहीं उच्च शिक्षण संस्थानों में भी यह समुदाय प्रवेश के लिए आरक्षण की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि पटेलों को ओबीसी श्रेणी में आरक्षण दिया जाना चाहिए। मगर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पटेलों को आरक्षण नहीं दिया जा सकता है, क्योंकि उन्हें आरक्षण दिए जाने का प्रावधान नहीं हैं।

मगर पटेल समुदाय द्वारा कहा गया कि गुजरात में पटेल बड़े पैमाने पर हैं वहीं अन्य राज्यों में पाटीदारों प्रभुत्व भी है ऐसे में उन्हें आरक्षण दिया जाना चाहिए। पटेलों द्वारा भाजपा को आर्थिक रूप से पार्टी फंड देने में सहायता भी की जाती है। मगर इसके बाद भी उनकी बात नहीं मानी जा रही है। पार्टी के विरूद्ध नियोजन करने वालों को हर तरह से मनाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि पटेलों द्वारा कहा गया कि वे मोदी के समर्थक हैं। मगर आरक्षण की मांग को लेकर वे सामने आए हैं। उनका अन्य मसलों पर विरोध करने का सवाल ही नहीं उठता।