Twitter को संसदीय समिति ने लताड़ा, कहा- ‘देश का कानून सर्वोपरि, आपका नियम नहीं’

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के नए IT नियमों को लेकर सरकार और ट्विटर में जारी टकराव के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को संसदीय समिति ने शुक्रवार को तलब किया था। इस समिति का नेतृत्व कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने किया। थरूर के अलावा समिति की मीटिंग में सांसद महुआ मोइत्रा, निशिकांत दुबे, राज्यवर्धन सिंह राठौर, तेजस्वी सूर्या, संजय सेठ, जफर इस्लाम, सुभाष चंद्रा और जयदेव गल्ला मौजूद रहे।

वहीं माइक्रो ब्लॉगिंग साइट्स की तरफ से ट्विटर इंडिया की लोक नीति प्रबंधक शगुफ्ता कामरान और कानूनी सलाहकार आयुषी कपूर ने संसदीय समिति के सामने अपना पक्ष रखा। प्लेटफॉर्म के गलत इस्तेमाल और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के मुद्दे पर तलब किए गए ट्विटर से समिति ने कई सख्त सवाल पूछे। केंद्र सरकार के नए IT नियमों को लेकर संसद की स्थाई समिति ने ट्विटर से जब यह सवाल किया कि क्या वो देश के नियमों और कानूनों को मानता है, तो उसने कहा कि वो सिर्फ खुद की नीतियों को फॉलो करता है।

रिपोर्ट के अनुसार, ट्विटर को कड़ी लताड़ लगाते हुए संसदीय समिति ने सीधे शब्दों में सवाल किया कि भारत के कानूनों का उल्लंघन करने के मामले में आप पर जुर्माना क्यों नहीं लगाया जाए? इसके साथ ही संसदीय समिति ने अमेरिकी कंपनी को साफ़ कहा है कि देश का कानून ही सर्वोपरि है, उसकी पॉलिसी नहीं। उसे देश के कानून का पालन करना ही होगा। सूत्रों ने कहा है कि संसदीय समिति में इस बात पर आम सहमति बनी है कि ट्विटर को IT एक्ट का पालन करते हुए मुख्य अनुपालन अधिकारी की नियुक्त करना चाहिए। सूत्रों के अनुसार, पता चला है कि संसदीय समिति ने ट्विटर से कई कड़े सवाल किए थे, जिसका वो जवाब नहीं दे पाया।

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