संसद में उपसभापति ने लगाई आनंद शर्मा के बोलने पर रोक, भड़के कांग्रेस सांसद

संसद में उपसभापति ने लगाई आनंद शर्मा के बोलने पर रोक, भड़के कांग्रेस सांसद

नई दिल्ली : आज संसद के मॉनसून सत्र का तीसरा दिन है. जी दरअसल आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान संस्थान बिल, 2020 आज राज्यसभा से पास हो चुका है. आपको बता दें कि इससे पहले बीते मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में अपनी बात रखी थी. उन्होंने LAC पर चीन से जारी तनाव के बारे में बात की और उन्होंने यह भी बताया कि पूर्वी लद्दाख में क्या हालात हैं. इसके अलावा उन्होंने कहा, 'हमारे जवान हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. चीन की LAC में बदलाव की मंशा को हमारे जवानों ने पहले ही भांप लिया था. चीन का ये प्रयास हमें मंजूर नहीं है.' अब आज यानी बुधवार को आनंद शर्मा जब राज्यसभा में बोल रहे थे उसी दौरान उपसभापति ने समय को लेकर उन्हें टोक दिया.

इस दौरान उपसभापति ने कहा कि चर्चा के लिए 2.30 घंटे का समय दिया गया है, और उसी हिसाब से सांसदों को बोलने का समय दिया गया है. यह सुनने के बाद आनंद शर्मा ने उन्हें जवाब देते हुए कहा यह तो गड़बड़ हो गया. उसके बाद जमकर बहस हुई. वहीं आनंद शर्मा ने कहा कि इतने कम समय में हम कैसे चर्चा करेंगे. यह देखने के बाद कांग्रेस सांसद ने कहा कि इस चर्चा का मजाक ना उड़ाएं और इसे गंभीरता से लिया जाए. इसी बीच टीएमसी सांसद ने नियम का हवाला दिया और इसपर उपसभापति ने कहा कि '2.30 घंटे का समय पहले ही दिया चुका है. आज चर्चा होगी और कल स्वास्थ्य मंत्री जवाब देंगे.'

इसी बीच उपसभापति और विपक्षी सांसदों के बीच बहस भी हुई. आनंद शर्मा ने कहा कि कल स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के निर्णय ने लगभग 14 से 29 लाख कोरोना के मामलों और 37,000-78,000 मौतों को रोका. उसके बाद आनंद शर्मा ने कहा कि सदन को सूचित कर देना चाहिए कि वह वैज्ञानिक आधार क्या है जिसके आधार पर हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं. इसके अलावा आनंद शर्मा ने यह भी कहा कि अचानक 4 घंटे के नोटिस पर लॉकडाउन लगाया गया उससे लोगों को तकलीफ हुई. भारत की जो तस्वीर दुनिया में गई उससे हम इनकार नहीं कर सकते हैं. इसके अलावा भी अन्य कई बातें हुईं जिनपर विवाद होता रहा.

बुलंदशहर के अस्पताल के मरीजों ने डीएम के सामने सुनाया अपना दुखड़ा

चंबल नदी पार करते समय डूबी नाव, इतने लोगों की हुई मौत

कोरोना को मात देने में सक्षम है च्यवनप्राश