सदन में कभी नरम तो कभी गरम दिखी मानव संसाधन मंत्री

सदन में कभी नरम तो कभी गरम दिखी मानव संसाधन मंत्री

नई दिल्ली : बजट सत्र का दूसरा दिन सदन में डायलॉग और अग्रेसिव बहस कर रहा है। बुधवार को राज्यसभा से लेकर लोकसभा सभी जगह रोहित वेमुला और जेएनयू विवाद की हत्या का किस्सा गूंजता रहा। पहले राज्यसभा में मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी का विकराल रुप दिखा तो शाम को लोकसभा में इमोशनल ईरानी दिखी।

इमोशनल और अग्रेसिव इरानी-

जब ईरानी से मायावती ने पूछा कि जांच दल में कोई दलित है या नहीं तो उन्होने भड़कते हुए कहा कि मेरा नाम स्मृति ईरानी है, चुनौती देती हूं कोई मेरी जाति बता दें। इसके बाद राहुल के लिए कहा कि सता तो इंदिरा गांधी ने भी खोई थी, लेकिन उनके बेटे ने कभी भारत की बर्बादी के नारों का समर्थन नहीं किया। उधर भावुक होते हुए वही ईरानी ने कहा कि मैं इस मुद्दे को व्यक्तिगत रुप से ले रही हूँ।

राहुल कहते है आओ स्मृति ईरानी- 

इसके अलावा वो बार-बार राहुल गांधी पर कई मौकों पर निशाना साधती रही। स्मृति ने कहा कि राहुल कहते है कि आओ स्मृति इरानी, हम चलकर जेएनयू स्टूडेंट्स से कहते है कि जिस भारत के विरोध में तुम नारे लग रहे हो, जिस तिरंगे को लहराने में तुम्हें शर्म आ रही है, उसी भारत के लिए जेएनयू के भी कुछ स्टूडेंट्स ने कुर्बानी दी है, उनके खिलाफ नारे मत लगाओ, तो बात कुछ और होती।

600 स्टूडेंट तेलंगाना मूवमेंट में मारे गए-

एचआरडी मिनिस्टर ने कहा कि तेलंगाना मूवमेंट में 600 छात्र मारे गए, वहां राहुल कभी नहीं गए। क्यों कि वहां कोई राजनीतिक फायदा नजर नहीं आया। मैं जवाब देने को तैयार हूँ पर आपकी इच्छा सुनने की थी ही नहीं, नीयत में ही खोट था। ईरानी ने कहा कि राहुल अमेठी जाकर कहते है कि सभी वीसी आरएसएस के है। मैं कहना चाहती हूं कि किसी भी सेंट्रल यूनिवर्सिटी का वाइस चांसलर आकर यह कह दे कि मैंने भगवाकरण किया है तो मैं राजनीति छोड़ दूंगी।