बच्चा गोद लेते समय माता-पिता ध्यान रखें ये जरुरी बातें

कई अभिभावक बच्चों को गोद लेते है. गोद लिए बच्चों को मानसिक हेल्थ समस्याओं का अधिक खतरा होता है. एक स्टडी से पता चला है कि गोद लिए गए बच्चों में सामाजिक, बौद्धिक या भावनात्मक समस्याओं के विकसित होने की संभावना अधिक होती है. वे किशोर जिन्हे बाल्य अवस्था में ही गोद ले लिया गया था, उनमें अटेंशन-डेफिसिट/हयपेरएक्टिविटी (एडीएचडी) व ओप्पोजीश्नल डीफेंट डिसऑर्डर आदि होने की संभावना दो गुना थी.

यदि प्रेग्नेंसी में हानिकारक पदार्थो शराब आदि का सेवन किया गया है तो गोद लेने के बाद बच्चे में उपेक्षा जैसा मानसिक विकार आ सकता है. गोद लिए बच्चे के माता-पिता को उस बच्चे को गोद लेने से पहले उसके साथ हुए जोखिमों पर कोई नियंत्रण नहीं होता है. वे बच्चे को गोद लेने के बाद सुनिश्चित कर सकते है कि घर पर आने पर उसे स्थिर और मानसिक रूप से स्वस्थ वातावरण मिले.

गोद लेने के बाद बच्चे को घर में सकारात्मक माहौल दे. यह बच्चों के मानसिक विकास और मानसिक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी होता है. माता-पिता को गोद लेने से पहले इस बात से परिचित रहना चाहिए.

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