फीस वृद्धि से परेसान अभिभावकों का रोड प्रदर्शन

By News Track
Apr 21 2015 10:39 PM
फीस वृद्धि से परेसान अभिभावकों का रोड प्रदर्शन
var zflag_nid="3952"; var zflag_cid="6"; var zflag_sid="0"; var zflag_width="468"; var zflag_height="60"; var zflag_sz="0"; style="text-align: justify;">दिल्ली : निजी स्कूलों की फीस में भारी वृद्धि से परेसान अभिभावक दिल्ली सरकार के साथ स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सड़क पर उतर आये है। पंजाबी बाग स्थित प्रेसीडियम स्कूल पर सोमवार सुबह स्कूल के गेट पर अभिभावक पहुंचे और बढ़ी फीस के खिलाफ रोड प्रदर्शन किया। अभिभावक ने सड़क जाम कर जमकर नारेबाजी की। सड़क जाम होने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। 

प्रदर्शन को देख स्कूल प्रबंधन ने पुलिस का सहारा लिया। इस दौरान पुलिस और अभिभावकों के हाथापाई भी हुई। इस प्रदर्शन में अन्य स्कूल के अभिभावकों ने भी भाग लिया। स्कूलों की मनमानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूलों के खिलाफ सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इससे इनके हौसले और बुलंद हो गए हैं, वहीं, स्कूल प्रबंधन कोर्ट के आदेश का भी पालन नहीं कर रहा है। 

अभिभावक दीपक नंदवानी ने कहा कि स्कूल प्रबंधन हर साल 25 प्रतिशत फीस हर कक्षा में बढ़ाता है। अगर ऐसे ही चलता रहा तो लोग बच्चों को कैसे पढ़ा पाएंगे। उन्होंने कहा कि डेवलपमेंट चार्ज के नाम पर अभिभावकों से 30 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक वसूले जाते हैं। जिसने पैसे कम करा लिए उनसे कम लिया जाता है और जिसने नहीं कराए उनसे ज्यादा पैसे लिए जाते हैं। 

खुशवंत राय ने बताया कि निजी स्कूल की मनमानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नर्सरी कक्षा की नोटबुक और किताबों के लिए आठ हजार रुपये वसूल किए जाते हैं। वहीं, स्कूल की ओर से सिबलिंग डिस्काउंट भी नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव से पहले निजी स्कूलों पर नकेल कसने के वादे किए थे। इनकी सरकार भी बन चुकी है, लेकिन इस ओर कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। यह तो जनता के साथ धोखा है। 

मैक्सफोर्ट स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रमन वालिया ने कहा कि यह सिर्फ प्रेसीडियम स्कूल का हाल नहीं, बल्कि अधिकांश स्कूलों के अभिभावक इस परेशानी को झेल रहे हैं। हर वर्ष अप्रैल में स्कूल मनमानी करते हैं। सरकार को इस पर स्पष्ट गाइडलाइन तैयार करना चाहिए। गाइडलाइन को न मानने वाले स्कूलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
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