अगर घर में है शौचालय, तब ही लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव

Sep 08 2015 05:25 AM
अगर घर में है शौचालय, तब ही लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव

चंडीगढ़ : हरियाणा में पंचायत चुनाव लडऩे के लिए मनोहर सरकार द्वारा तय नए मापदंड अब कानून बन गए हैं। इसमें सबसे अनोखी बात यह है कि राज्य में अब वही उम्मीदवार पंचायत चुनाव लड़ पायेगा जिनके घरों में शौचालय होंगे। यानि एक तरह से चुनाव लडऩे के लिए शैचालय होने की शर्त को अनिवार्य कर दिया गया है। हरियाणा पंचायती राज संशोधन विधेयक 2015 को सरकार ध्वनिमत से पारित कराने में सफल रही। हालांकि इस बीच सदन में जमकर हंगामा भी हुआ।

विधेयक में कांग्रेस विधायक कर्ण दलाल की ओर से लाए गए एक भी संशोधन को सरकार द्वारा स्वीकार नहीं किया गया। विधेयक पर चर्चा के दौरान बड़ा खुलासा भी हुआ है। नेता विपक्ष अभय चौटाला द्वारा सदन में दी गई जानकारी पर लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह और खुद पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने भी मुहर लगाई। चौटाला ने बताया कि सरकार के पंचायत चुनाव के लिए शैक्षणिक योग्यता तय करने के बाद हरियाणा में नाबालिग युवकों की शादी कराई जा रही है। हैदराबाद से पढ़ी-लिखी युवतियों को शादी करके लाया जा रहा है ताकि उनके परिवार से कोई चुनाव लड़ सके।

मेवात इलाके में ये बेधड़क चल रहा है। चूंकि वहां की साक्षरता दर 6.6 फीसदी है। चुनाव लड़ने के लिए शौचालय की यह अनिवार्यता एक तरह से काफी उचित भी है जिससे की आमजन को उसका एहसास हो की आज के दौर में घर में शौचालय होना कितना अनिवार्य हो गया है। साथ ही उन्हें यह भी समझने में आसानी होगी की जब बिना घर में शौचालय के कोई व्यक्ति चुनाव नही लड़ सकता है तो शौचालय घर में होना कितना महत्वपूर्ण है।