तालिबान का गॉडफादर है पाकिस्तान

वाशिंगटन : द वाशिंगटन पोस्ट में विदेश नीति के एक विशेषज्ञ ने जिनका नाम फरीद जकारिया है, उन्होंने संपादकीय में लिखा है की तालिबान का ‘गॉडफादर' है पाकिस्तानी सेना. भारतीय अमेरिकी लेखक फरीद जकारिया ने आगे लिखा है की 1980 के दशक में सोवियत संघ से युद्ध के दौरान पाकिस्तान USA समर्थित मुजाहिद्दीन का एक प्रमुख गढ रहा है. तथा पाकिस्तान द्वारा उस रणनीतिक शून्य में दाखिल हो गया जहां पर USA ने अपने पैर खिंच लिए थे. पाकिस्तानी मदरसों में चरमपंथी इस्लाम की तालीम लेने वाले युवा पख्तून जिहादियों के समूह जो की उस वक्त तालिबानियों को आगे कर दिया. तथा अब जब इतिहास खुद को दोहरा रहा है. अब जब USA अपने सुरक्षा बलों को पुनः वापस ले रहा है तो पाकिस्तान एक बार फिर से अपनी इच्छा के तहत प्रभाव को बढ़ाने के लिए भरपूर कोशिशो में लगा हुआ है.

सीएनएन पर एक मशहूर टीवी शो चलाने वाले फरीद जकारिया ने कहा है की पाक USA की सहायता के लिए हमेशा से चालाक व चतुर रहा है. जबकि असलियत में वह उसके सबसे दुर्दांत दुश्मन को समर्थन दे रहा होता है. फरीद जकारिया ने पाकिस्तान को टाइम बम की संज्ञा देकर कहा है की जब तक पाक सेना व इनकी सोच की निष्पक्ष जाँच नही की जाती इसमें सुधार नही किया जा सकता है. व तब तक USA को जो की अपने बल को हटाने के बारे में सोच रहा है. उसे इसके लिए  रणनीतिक विफलता का सामना करना पडेगा. 

 

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